BAGPAT
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) मेरठ प्रांत ने संगठनात्मक अनुशासन और मर्यादाओं के उल्लंघन के आरोप में बागपत के जिला मंत्री नितिन गोस्वामी तथा दुर्गावाहिनी की प्रांत सह संयोजिका अन्नू रानी को उनके सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया है। दोनों पदाधिकारियों द्वारा प्रेम विवाह किए जाने के बाद संगठन की ओर से यह कार्रवाई की गई है।
विहिप की प्रांत टोली की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नितिन गोस्वामी और अन्नू रानी अब संगठन के किसी भी पद या जिम्मेदारी पर नहीं हैं। संगठन ने यह भी कहा कि यदि दोनों परिषद का नाम लेकर किसी गतिविधि में शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात आयोजित एक आभासी बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मौजूद प्रांत स्तर के पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से दोनों को दायित्वों से मुक्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद संगठन की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से आधिकारिक सूचना जारी कर कार्रवाई की जानकारी दी गई।
विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के विभाग सत्संग प्रमुख विनोद खिंदौड़ा ने बताया कि दोनों पदाधिकारियों ने प्रेम विवाह किया है, जिसे संगठन की स्थापित मर्यादाओं और नियमों के अनुरूप नहीं माना गया। उन्होंने कहा कि परिषद और बजरंग दल अपने कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक अनुशासन और विचारधारा के अनुरूप आचरण की अपेक्षा रखते हैं।
उन्होंने कहा कि संगठन में अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है और जो भी कार्यकर्ता या पदाधिकारी निर्धारित नियमों के विपरीत कार्य करता है, उसके खिलाफ संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती है। संगठन का मानना है कि नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से आवश्यक है।
बैठक में प्रांत अध्यक्ष सुशील जैन, प्रांत उपाध्यक्ष छाया सिंह एवं रविंद्र, प्रांत संगठन मंत्री अरुण, प्रांत मंत्री राजकुमार डूंगर, सह मंत्री अमित जिंदल, मनोज सिरोही, जितेंद्र, विभाग संगठन मंत्री अनूप, विभाग मंत्री डॉ. अजय तथा जिला अध्यक्ष डॉ. यशपाल शास्त्री सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
