संस्मरण: को वैक्सीन का कच-कच
श्यामल बिहारी महतो “दवाई भी और कड़ाई भी”, यह एक महान शासक का महान आदेश की तरह ही था। ऐसा…
श्यामल बिहारी महतो “दवाई भी और कड़ाई भी”, यह एक महान शासक का महान आदेश की तरह ही था। ऐसा…
EBRAR AHMED आज उर्दू अदब की महफ़िल सूनी है और रांची की फिजाओं में एक अजीब सी उदासी का डेरा…
नीतिशा खलखो तुमने पुकारा था– उस इंसानी क़ौम को, जिसकी गोद में तुमने जन्म लिया था। तुम आई थीं इस…
RANCHI कथाकार और द फॉलोअप के संपादक जेब अख्तर को साहित्य लेखन के लिए राधाकृष्ण स्मृति सम्मान से सम्मानित किया…
Ranchiअंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर झारखंड में Axis Bank की विभिन्न शाखाओं में कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए रांची…
NITISHA KHAKHO सजाने से ज़्यादा अब ख़ुद को समेटने की कला सीखनी है मेरे अस्तित्व को। देह भर तक ही…
ख़लील अहमद की तीसरी बरसी पर खास Mohammad Salauddin “उठा जो अज़्म लेकर वो ज़माने को बता डाला,अंधेरी बस्तियों में…
साहित्यकारों ने अभिव्यक्ति की आज़ादी और जनवाद पर जताई चिंता, कवि सम्मेलन से समापनRANCHI 22 फरवरी को रांची के महात्मा…
Sushil kumar अयन प्रकाशन, महरौली, नई दिल्ली (प्रकाशन वर्ष 2000) से प्रकाशित कथाकार शिरोमणि महतो की कृति ‘उपेक्षिता’ का हिंदी…
मरंग होड़ की चीख : विकास के नाम पर उजड़ता जंगल और लहूलुहान लोकजीवन हमने हाथी को कभी दाँत नहीं…