RANCHI
ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ मेला में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, झारखंड सरकार की ओर से आयोजित प्रचारात्मक सांस्कृतिक कार्यक्रम के आठवें दिन लोक संस्कृति और जनजागरूकता का सुंदर संगम देखने को मिला। 16 जुलाई से चल रहे इस आयोजन में विभाग के पंजीकृत सांस्कृतिक दलों ने एक ओर झारखंड की समृद्ध लोक परंपराओं को मंच पर जीवंत किया, वहीं दूसरी ओर जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम की शुरुआत खुखुरागढ़ सांस्कृतिक कला केंद्र के कलाकार सुदामा सिंह ने भगवान जगन्नाथ की वंदना से की। इसके बाद उनके नेतृत्व में मर्दानी झूमर और नागपुरी गीत-नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
कार्यक्रम में पहुंचे पद्मश्री मधुमंसूरी हंसमुख ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार जनोपयोगी संदेशों के प्रचार-प्रसार के साथ झारखंड की लोक कला और संस्कृति के संरक्षण तथा कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने का भी महत्वपूर्ण काम कर रही है।
परफॉर्मिंग आर्ट सेंटर की कलाकार नीतू देवी के नेतृत्व में नागपुरी गीत-नृत्य के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रचारात्मक प्रस्तुतियां दी गईं। वहीं हीरा नागपुर सांस्कृतिक कला केंद्र के कलाकार रतन लोहरा के नेतृत्व में नागपुरी गीत-नृत्य और नशा मुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
विभाग की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम कला, संस्कृति और जनसंचार के प्रभावी मेल का उदाहरण बन रहा है। इन आयोजनों के जरिए लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े संदेश भी लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
24 जुलाई को कार्यक्रम के नौवें दिन प्रज्वलित विहार के आर.आर. मेहता के नेतृत्व में उरांव लोकगीत-नृत्य, छोटानागपुरी कला केंद्र के मेघनाथ महतो के नेतृत्व में नागपुरी गीत-नृत्य और समाज कल्याण मंच के हरिराम करमाली के नेतृत्व में नागपुरी गीत-नृत्य की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम का समापन 25 जुलाई को घूरती रथ मेला के अवसर पर होगा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में राजेश बड़ाईक, सोमनाथ मिंज, सुलेखा मीना कच्छप, एकलव्य भगत, छोटी तिर्की, पूनम, अमित, अजय और अनुज उरांव सहित विभागीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
