Ranchi/Ramgarh
रामगढ़ जिले के सीसीएल अरगड्डा क्षेत्र में बंद पड़ी खदान में अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा सामने आया है। चपरी टोंगी जंगल स्थित एक परित्यक्त खदान में जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी की वजह से चार युवक बेहोश हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही सीसीएल प्रबंधन, पुलिस और माइंस रेस्क्यू टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर चारों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गयी।
जानकारी के अनुसार, बंद खदान के समीप अवैध रूप से कोयला निकालने का काम चल रहा था। इसी दौरान दो युवक कोयला चुनने के लिए खदान के अंदर चले गए। बताया जाता है कि अंदर जहरीली गैस का प्रभाव बढ़ने और ऑक्सीजन की मात्रा कम होने के कारण दोनों अचानक अचेत हो गए। काफी देर तक बाहर नहीं लौटने पर उनके दो साथी उन्हें खोजने के लिए अंदर गए, लेकिन वे भी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीसीएल अरगड्डा, सिरका और कुजू क्षेत्र के अधिकारी मौके पर पहुंचे। साथ ही रामगढ़ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद नईसराय से 14 सदस्यीय विशेष माइंस रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान टीम के प्रशिक्षित सदस्य ऑक्सीजन उपकरण और सुरक्षा किट के साथ खदान के अंदर उतरे। जहरीली गैस और अंधेरे के बीच करीब एक घंटे तक चले कठिन अभियान के बाद चारों युवकों को बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू टीम की तत्परता और साहस की बदौलत चारों की जान बचाई जा सकी।
अचेत अवस्था में बाहर निकाले गए युवकों की पहचान बुध बाजार सिरका निवासी आशीष घटवार और किशोर रवानी तथा छोटकी टोंगी निवासी देव बेदिया और डब्लू बेदिया के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी की स्थिति गंभीर बनी हुई है और जरूरत पड़ने पर उन्हें रांची रेफर किया जा सकता है।
घटना के बाद पूरे इलाके में युवकों की मौत की अफवाह फैल गई, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में चिंता का माहौल बन गया। हालांकि प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की ओर से किसी भी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस और सीसीएल प्रबंधन अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि बंद और प्रतिबंधित घोषित खदान में अवैध खनन गतिविधियां कैसे संचालित हो रही थीं। यह हादसा एक बार फिर अवैध कोयला खनन के खतरों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
