NEW DELHI
देश की राजनीति में इन दिनों विभिन्न नए राजनीतिक प्रयोगों और अभियानों की चर्चा के बीच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू द्वारा बनाई गई “इश्क़ करो पार्टी” सुर्खियों में आ गई है। जस्टिस काटजू ने तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को इस नए संगठन में शामिल होने का खुला न्योता देकर राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर की गई एक पोस्ट में काटजू ने कहा कि उनकी पार्टी का मूल सिद्धांत “युद्ध नहीं, प्यार करो” (Make Love Not War) है। उन्होंने महुआ मोइत्रा से अपील करते हुए कहा कि वे अन्य राजनीतिक अभियानों को छोड़कर इस नए संगठन से जुड़ें, जिसका उद्देश्य समाज में प्रेम, सौहार्द और शांति का संदेश फैलाना है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुई चर्चा
दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दिपके के नेतृत्व में चल रहे एक जन-अभियान को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज थीं। महुआ मोइत्रा ने भी इस अभियान के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी थी। इसी संदर्भ में प्रतिक्रिया देते हुए मार्कंडेय काटजू ने अपनी पोस्ट साझा की।
उन्होंने लिखा कि महुआ मोइत्रा को “इश्क़ करो पार्टी” का हिस्सा बनना चाहिए, क्योंकि यह संगठन संघर्ष और टकराव की राजनीति के बजाय प्रेम और भाईचारे के संदेश को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
काटजू ने बताई पार्टी की संरचना
पूर्व न्यायाधीश ने अपनी पोस्ट में बताया कि वे इस संगठन के संरक्षक (Patron) हैं, जबकि पार्टी के चेयरमैन इरफान अली हैं, जो अमेरिका के न्यू जर्सी राज्य के प्रिंसटन शहर में रहते हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि संगठन की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक उपस्थिति तैयार करने का काम जारी है।
काटजू ने संकेत दिया कि पार्टी सदस्यता अभियान भी शुरू कर चुकी है और लोगों को इससे जुड़ने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
NEET विवाद की पृष्ठभूमि में आया प्रस्ताव
यह न्योता ऐसे समय में सामने आया है जब NEET परीक्षा पेपर लीक विवाद को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से गर्म है। महुआ मोइत्रा हाल के दिनों में उन नेताओं में शामिल रही हैं जिन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहे अभियानों का समर्थन किया है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर उन पोस्टों को साझा किया था जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और परीक्षा घोटाले की निष्पक्ष जांच की बात कही गई थी। इसी राजनीतिक माहौल के बीच काटजू का यह प्रस्ताव सामने आने से सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं।
सोशल मीडिया पर मिल रही मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
“इश्क़ करो पार्टी” को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ लोग इसे एक प्रतीकात्मक और वैचारिक पहल मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे व्यंग्यात्मक राजनीतिक प्रयोग के रूप में देख रहे हैं। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह संगठन भविष्य में सक्रिय राजनीतिक भूमिका निभाएगा या केवल सामाजिक संदेशों तक सीमित रहेगा।
फिलहाल महुआ मोइत्रा की ओर से इस न्योते पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन काटजू की पोस्ट ने एक बार फिर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का नया विषय जरूर पैदा कर दिया है।
