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तमिलनाडु भाजपा में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद राजनीतिक संकट गहराता नजर आ रहा है। अन्नामलाई के भाजपा छोड़ने के कुछ घंटों के भीतर ही पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष करु नागराजन, प्रदेश सचिव सुमति वेंकटेश समेत कम से कम 16 पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इससे राज्य भाजपा में आंतरिक असंतोष और संगठनात्मक संकट की चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अन्नामलाई ने भाजपा से अलग होकर नए राजनीतिक आंदोलन की घोषणा की है और आगामी विधानसभा चुनाव में उतरने के संकेत दिए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई के बाहर जाने के बाद उनके समर्थक नेताओं का लगातार इस्तीफा देना तमिलनाडु भाजपा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
भाजपा छोड़ नई राजनीतिक राह पर अन्नामलाई
पूर्व आईपीएस अधिकारी और तमिलनाडु भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। भाजपा नेतृत्व ने उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। अन्नामलाई ने कहा है कि वे एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत कर रहे हैं और तमिलनाडु की राजनीति में वैकल्पिक नेतृत्व देने का प्रयास करेंगे।
भाजपा ने नुकसान से किया इनकार
अन्नामलाई के इस्तीफे और नेताओं के लगातार बाहर जाने के बावजूद तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने दावा किया है कि इससे पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। उनका कहना है कि भाजपा किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है और पार्टी पहले की तरह मजबूत बनी रहेगी।
क्या बढ़ेगा भाजपा का संकट?
करु नागराजन और अन्य नेताओं के इस्तीफे ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अन्नामलाई के समर्थकों का एक बड़ा वर्ग भाजपा से अलग होकर उनके नए राजनीतिक मंच के साथ जाएगा। यदि ऐसा होता है तो आगामी विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु भाजपा की संगठनात्मक ताकत प्रभावित हो सकती है। हालांकि भाजपा नेतृत्व इसे सामान्य राजनीतिक घटनाक्रम बता रहा है, लेकिन लगातार हो रहे इस्तीफों ने पार्टी की चिंता जरूर बढ़ा दी है।
