PATNA
Bihar Legislative Assembly Special Session के तहत बिहार विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 24 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जिसमें राज्य के नए मुख्यमंत्री Samrat Choudhary को बहुमत साबित करना होगा। हाल ही में हुए राजनीतिक बदलावों के बाद यह सत्र नई सरकार के लिए अहम परीक्षा माना जा रहा है।
Bihar Legislative Assembly सचिवालय की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, सत्र का मुख्य एजेंडा सरकार द्वारा विश्वास प्रस्ताव पेश करना है। यह 18वीं बिहार विधानसभा का विशेष सत्र होगा, जो राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सत्र पटना स्थित Bihar Vidhan Sabha में सुबह 11 बजे शुरू होगा। सभी मंत्रियों और विधायकों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कार्यवाही तय समय पर ही शुरू होगी और इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
बिहार में तेजी से बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच इस विश्वास मत को चौधरी सरकार की पहली बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने सत्र से पहले अपनी रणनीति तैयार करने के लिए आंतरिक बैठकों का दौर तेज कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सत्र के नतीजे से राज्य की राजनीतिक स्थिरता और सरकार के भविष्य की दिशा तय होगी। अधिसूचना के माध्यम से सभी विधायकों और मंत्रियों को सत्र की तारीख और समय की औपचारिक जानकारी भेज दी गई है, जिससे इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
