JAMSHEDPUR
रक्षाबंधन का पर्व जहां भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है, वहीं शहर में एक ऐसी जोड़ी भी है जो सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश कर रही है। सामाजिक कार्यकर्ता छोटे भाई मुख्तार आलम खान को पिछले कई वर्षों से बड़ी दीदी निधि श्रीवास्तव राखी बांध रही हैं। दोनों के बीच न तो मजहब की कोई दीवार है और न ही किसी तरह का भेदभाव। यह रिश्ता केवल धागे का नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, विश्वास और इंसानियत का है।
हर साल की तरह इस साल भी निधि श्रीवास्तव ने मुख्तार आलम खान को राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं मुख्तार ने आजीवन उनके सम्मान और सहयोग का वचन दिया।
उल्लेखनीय है कि मुख्तार आलम खान और डॉ निधि श्रीवास्तव दोनों ही जमशेदपुर में सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते हैं। उनका यह भाई-बहन का रिश्ता समाज को यह संदेश देता है कि रिश्ते दिल से बनते हैं, मजहब से नहीं। इस अवसर पर दोनों ने सभी शहरवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी और आपसी भाईचारे को बनाए रखने का संदेश दिया।


