CINEMA DESK
असम के युवा फिल्ममेकर कौशिक शर्मा की शॉर्ट फिल्म ‘द स्क्रॉल दैट स्टोल टाइम’ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी सफलता हासिल की है। स्पेन की राजधानी मैड्रिड में आयोजित FICIMAD 2026 (Festival Internacional de Cine Independiente de Madrid) में इस फिल्म को बेस्ट एसे फिल्म (शॉर्ट मूवी) का अवॉर्ड मिला है। यह उपलब्धि असम और पूरे उत्तर-पूर्वी भारत के फिल्म जगत के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
कौशिक शर्मा ने इस फिल्म की कहानी लिखने से लेकर निर्देशन, सिनेमैटोग्राफी और एडिटिंग तक की पूरी जिम्मेदारी खुद संभाली है। न्यूज़ीलैंड के वाइकाटो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और मुंबई के व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल से शिक्षा प्राप्त कर चुके कौशिक पिछले एक दशक से अधिक समय से फिल्म एडिटिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
फिल्म में फिलिप्स नियोग ने मुख्य भूमिका निभाई है, जबकि अरुंधति बोरा, अरुंधति शर्मा, सिंधु कश्यप बरपुजारी और रोनिल कटाकी जैसे असम के स्थानीय कलाकारों ने भी अहम किरदार निभाए हैं। फिल्म पूरी तरह स्थानीय प्रतिभाओं के सहयोग से तैयार की गई है।
FICIMAD की आधिकारिक मैगज़ीन ने ‘द स्क्रॉल दैट स्टोल टाइम’ को संवेदनशीलता, रचनात्मकता और गहरे संदेश से भरपूर फिल्म बताया है। मैगज़ीन के अनुसार यह फिल्म आधुनिक तकनीक और एल्गोरिदम के बढ़ते प्रभाव पर सवाल उठाती है और दिखाती है कि किस तरह डिजिटल दुनिया धीरे-धीरे इंसानी भावनाओं और समय पर कब्जा करती जा रही है।
फेस्टिवल की प्रोग्रामिंग टीम तथा मैनेजिंग डायरेक्टर एवं फेस्टिवल डायरेक्टर टॉमस पेरेज़ टोरेला ने फिल्म को बेस्ट एसे फिल्म का सम्मान प्रदान किया। इस फिल्म को फेस्टिवल की आधिकारिक 2026 मैगज़ीन में भी विशेष स्थान मिला है। इसके अलावा ब्राज़ील और स्पेन के अन्य प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में भी इसे आधिकारिक चयन प्राप्त हो चुका है।
सीमित संसाधनों और स्वतंत्र फंडिंग के सहारे बनी यह फिल्म उन फिल्मकारों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है, जो छोटे शहरों और दूरदराज़ क्षेत्रों से निकलकर वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। यह सफलता साबित करती है कि प्रतिभा और समर्पण के दम पर उत्तर-पूर्व भारत की कहानियां भी दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंच सकती हैं।
