GUAHATI
असम में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अब भारत में आने के बाद बिना किसी दस्तावेज़ के रहने की कट-ऑफ तारीख को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2024 कर दिया गया है। यह जानकारी सिलचर के विधायक डॉ. राजदीप रॉय ने बराक उपत्यका बंग साहित्य सम्मेलन (BUBSS) के 50वें स्थापना वर्ष के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान दी।
डॉ. रॉय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार उन सभी योग्य लोगों को नागरिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो तीन पड़ोसी देशों में धार्मिक या अन्य कारणों से प्रताड़ित हुए हैं। उन्होंने यह भी माना कि CAA के तहत अब तक अपेक्षाकृत कम लोगों को नागरिकता मिली है, जिसका मुख्य कारण जागरूकता और प्रचार की कमी रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने वास्तविक रूप से उत्पीड़न झेला है, उनके मामलों में सरकार की ओर से कोई अनावश्यक सवाल नहीं उठाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बराक घाटी के भाषा आंदोलन शहीदों को लेकर राज्य सरकार संवेदनशील रही है और उनके सम्मान में लगातार कार्य किए गए हैं।
कार्यक्रम में BUBSS की आर्थिक सहायता और कॉर्पस फंड की मांग पर भी चर्चा हुई। इस पर रॉय ने आश्वासन दिया कि वे बराक घाटी के विधायकों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री से इस विषय पर बातचीत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह मंच भाषाई और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए 1977 में स्थापित किया गया था और हमेशा से सभी समुदायों के बीच भाईचारे को बढ़ावा देता रहा है।
