NEET में फर्जीवाड़ा: सॉल्वर गैंग से जुड़ी पलामू और गिरिडीह की 2 लड़कियां अरेस्ट, बिहार तक फैला है नेटवर्क


PALAMU

बिहार के लखीसराय में रविवार को आयोजित NEET UG पुनर्परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर नकल और परीक्षा कदाचार का मामला सामने आया है। जांच में सॉल्वर गैंग की संलिप्तता उजागर हुई है, जिसमें अब झारखंड कनेक्शन भी सामने आने लगा है। इस पूरे नेटवर्क के तार पलामू और गिरिडीह जिलों से जुड़े पाए गए हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, लखीसराय के चार परीक्षा केंद्रों पर 21 जून 2026 को आयोजित NEET पुनर्परीक्षा के दौरान कदाचार में शामिल कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा संयुक्त प्रेस वार्ता में इस पूरे मामले की पुष्टि की गई।

इस गिरोह से जुड़ी दो महिला अभ्यर्थियों का लिंक झारखंड से सामने आया है। पलामू के हरिहरगंज की रहने वाली एक महिला अभ्यर्थी को परीक्षा के दौरान बिहार में पकड़ा गया, जबकि गिरिडीह जिले के बिरनी थाना क्षेत्र की एक अन्य महिला अभ्यर्थी भी इस नेटवर्क में शामिल पाई गई है। आरोप है कि दोनों ने किसी अन्य छात्रा की जगह परीक्षा दी।

गिरिडीह की अभ्यर्थी वर्तमान में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है, जबकि पलामू की अभ्यर्थी ओडिशा के एक सरकारी आयुर्वेदिक कॉलेज में BAMS की छात्रा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों का सॉल्वर गैंग से सीधा संपर्क पाया गया है।

पलामू की अभ्यर्थी को बायोमेट्रिक जांच के दौरान पकड़ लिया गया, जिससे उसकी पहचान और गड़बड़ी का खुलासा हुआ। पुलिस का कहना है कि तकनीकी सत्यापन में यह साफ हुआ कि परीक्षा देने वाली अभ्यर्थी वास्तविक परीक्षार्थी नहीं थी।

उधर, मामले में पकड़ी गई महिला के परिवार ने हैरानी जताई है। पिता ने बताया कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार, बेटी का मोबाइल पिछले तीन दिनों से बंद है। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार को सूचना तब मिली जब उनके छोटे बेटे को फोन कर गिरफ्तारी की जानकारी दी गई, जिसके बाद वह बिहार के लिए रवाना हुआ।

परिवार का कहना है कि बेटी ने 2016 में हरिहरगंज से मैट्रिक परीक्षा में टॉप किया था और बाद में इंटरमीडिएट में भी अच्छे अंक प्राप्त किए थे। वर्ष 2021 में उसने ओडिशा में आयुर्वेदिक कोर्स में दाखिला लिया था, जो अब अंतिम वर्ष में है।

स्थानीय स्तर पर यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हरिहरगंज क्षेत्र बिहार सीमा से सटा हुआ है और पहले भी यह इलाका कई बार आपराधिक और नक्सली गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहा है। इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली में संगठित नकल गिरोहों की सक्रियता को उजागर कर दिया है।

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