RANCHI
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरी तरह पारदर्शी, सहभागी और बहुस्तरीय सत्यापन पर आधारित प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके प्रत्येक चरण का अंकेक्षण किया जाता है और मतदाताओं के लिए अपील की व्यवस्था भी उपलब्ध है, ताकि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे।
इन्यूमरेशन फेज की शुरुआत के अवसर पर निर्वाचन सदन में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के सभी मतदान केंद्रों के लिए बीएलओ को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध करा दिए गए हैं। साथ ही, बीएलओ और बीएलए-2 की बैठकें आयोजित कर अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की गई है।
सोशल मीडिया पर चला व्यापक जागरूकता अभियान
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने के लिए दो दिवसीय सोशल मीडिया अभियान भी चलाया गया। पहले दिन मतदाता साक्षरता क्लब (ईएलसी) के माध्यम से स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में जागरूकता पोस्टर और वीडियो प्रदर्शित किए गए। दूसरे दिन सभी जिलों के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल, मीडिया संस्थानों और डिजिटल क्रिएटर्स ने #JharkhandSIR के जरिए अभियान से जुड़ी जानकारी का व्यापक प्रसार किया, जिसे बड़ी संख्या में लोगों ने देखा और साझा किया।
30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर जाएंगे बीएलओ
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे। मतदाताओं को इन विवरणों का सत्यापन कर आवश्यक जानकारी भरकर फॉर्म संबंधित बीएलओ को जमा करना होगा।
प्रवासी मतदाताओं के लिए ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। यदि कोई मतदाता अपने निवास स्थान पर मौजूद नहीं है, तो उसके पात्र परिवारजन उसकी ओर से फॉर्म भरकर जमा कर सकते हैं।
दो स्तरों पर होगा सत्यापन
मतदाताओं की मैपिंग और विवरणों की जांच दो चरणों में की जाएगी। पहले चरण में बीएलओ सुपरवाइजर और दूसरे चरण में ईआरओ तथा एईआरओ स्तर पर सत्यापन किया जाएगा। निर्वाचन विभाग का कहना है कि इससे प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता और मजबूत होगी।
के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है और गैर-भारतीय नागरिकों को इसमें भाग नहीं लेना चाहिए। जो पात्र मतदाता निर्धारित अवधि में इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करेंगे, उनके नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि फॉर्म भरते समय मतदाताओं को किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। वहीं, जिन मतदाताओं की पूर्व विशेष पुनरीक्षण के दौरान मैपिंग नहीं हो सकी थी, वे बीएलओ के घर आने पर आवश्यक जानकारी देकर अपनी मैपिंग पूरी करा सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, डुप्लिकेट, अनुपस्थित और गैर-भारतीय श्रेणी के मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए दोहराया कि उद्देश्य यही है कि कोई भी पात्र भारतीय मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
