RANCHI
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को सीआईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा (PT) में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े मामले में यह कार्रवाई हुई है। खास बात यह है कि जिस दिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले को टेकओवर करते हुए जांच शुरू की, उसी दिन सीआईडी ने खियांग्ते को गिरफ्तार किया है।
एल खियांग्ते पर JPSC की 14वीं PT परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार का आरोप है। मामले में टीडीपीएल कंपनी के साथ कथित साठगांठ की भी जांच की जा रही है। आरोप है कि परीक्षा से जुड़े मामले में कंपनी की ओर से दो करोड़ रुपये की रिश्वत दिए जाने की बात सामने आई है। इन्हीं आरोपों के आधार पर जांच एजेंसियां मामले की अलग-अलग पहलुओं से पड़ताल कर रही हैं।
खियांग्ते की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब ED ने भी सोमवार को JPSC की 14वीं PT से जुड़े मामले में ECIR दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। यानी अब एक ही मामले में राज्य की जांच एजेंसी CID के साथ केंद्रीय जांच एजेंसी ED भी सक्रिय हो गई है। इससे मामले की जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।
इस बीच JPSC की पूर्व सदस्यों से भी पूछताछ का सिलसिला शुरू हो चुका है। पूर्व सदस्यों से पूछताछ के बाद अब उनकी भूमिका को लेकर भी जांच एजेंसियों की नजर बनी हुई है। जांच में यदि किसी तरह की आपत्तिजनक भूमिका या वित्तीय लेन-देन के प्रमाण सामने आते हैं, तो आने वाले दिनों में कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।
14वीं JPSC PT परीक्षा को लेकर पहले से ही छात्रों और अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर छात्र लगातार जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ऐसे में पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी और ED की जांच शुरू होने से यह मामला और गंभीर हो गया है।
अब सबसे अहम सवाल यह है कि CID और ED की जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और पूछताछ के दायरे में आए अन्य लोगों पर क्या कार्रवाई होती है। एक ही मामले में राज्य और केंद्र की जांच एजेंसियों के सक्रिय होने से JPSC 14वीं PT प्रकरण आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।
