RANCHI
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार पर की गई टिप्पणी से जुड़े मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को मिली राहत को बरकरार रखा है। जस्टिस ए.के. चौधरी की अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने सुनवाई के बाद बाबूलाल मरांडी के खिलाफ किसी भी तरह की पीड़क कार्रवाई पर लगी रोक को जारी रखा। मरांडी की ओर से दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, जिस पर अगली सुनवाई के लिए सरकार से जवाब मांगा गया है।
इस मामले में बाबूलाल मरांडी के खिलाफ सिमडेगा, बरहेट और रामगढ़ समेत अलग-अलग थानों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार को लेकर दिए गए एक साक्षात्कार को बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर अपलोड किया था।
इस साक्षात्कार को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न जिलों में कुल छह थानों में शिकायत दर्ज कराई थी। इन्हीं प्राथमिकी के खिलाफ बाबूलाल मरांडी ने हाई कोर्ट का रुख किया है।
