NEW DELHI
पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय ने एक बार फिर छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि इस वर्ष यह तीसरी बार है जब ED ने अरोड़ा और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। शनिवार को हुई इस कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई और आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया।
अधिकारियों के अनुसार, ED ने एक नए मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में पंजाब, दिल्ली और हरियाणा के कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। जिन स्थानों पर छापेमारी हुई, उनमें चंडीगढ़ स्थित संजीव अरोड़ा का सरकारी आवास भी शामिल है। इसके अलावा गुरुग्राम स्थित ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड’ कंपनी के परिसरों में भी जांच एजेंसी पहुंची।
केजरीवाल बोले – बंगाल चुनाव खत्म होते ही पंजाब में बढ़ी रेड
ED की कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव समाप्त होते ही पंजाब में लगातार ED की रेड कराई जा रही है।
केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार ने पंजाब पर दबाव बनाने की कोशिश की है और अलग-अलग तरीकों से पंजाबियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए मुगल शासक औरंगज़ेब का जिक्र किया और कहा कि जिस तरह सिख गुरुओं ने लोगों की रक्षा की थी, उसी तरह आज भी पंजाब अन्याय के खिलाफ खड़ा है।
AAP प्रमुख ने आरोप लगाया कि “बेईमानी के चुनाव” के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों पर कब्जा करने के बाद अब पंजाब को निशाना बनाया जा रहा है। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।
भगवंत मान ने भी किया समर्थन
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी संजीव अरोड़ा के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में यह तीसरी बार है जब ED अरोड़ा के घर पहुंची है और पिछले एक महीने में दूसरी बार कार्रवाई की गई है, लेकिन एजेंसी को अब तक कुछ नहीं मिला।
मान ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए किया जा रहा है। वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि जांच एजेंसियां अपने कानूनी दायित्वों के तहत कार्रवाई कर रही हैं और भ्रष्टाचार के मामलों में जांच जरूरी है।
ED की ताजा कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।
