KOLKATA
पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई सरकार के गठन के साथ ही बड़ा सियासी संकेत देखने को मिला। शुभेंदु अधिकारी के 18वीं विधानसभा के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के तुरंत बाद ममता बनर्जी ने अपने X और फेसबुक प्रोफाइल में बदलाव कर दिया। ममता ने अपने बायो में पहले लिखे “माननीय मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल” को बदलकर “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री – 15वीं, 16वीं और 17वीं विधानसभा” कर दिया। हालांकि नए बायो में “पूर्व मुख्यमंत्री” शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है, लेकिन इस बदलाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
चुनाव नतीजों के बाद ममता बनर्जी लगातार चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती रही थीं। पांच मई को उन्होंने साफ कहा था कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। ममता ने आरोप लगाया था कि विधानसभा चुनाव के नतीजों को “लूटा” गया और करीब 100 सीटों की मतगणना में गड़बड़ी हुई। इसके बावजूद सात मई को राज्यपाल द्वारा विधानसभा भंग करने की अधिसूचना जारी किए जाने के बाद भी उन्होंने तत्काल इस्तीफा नहीं दिया था।

कोलकाता पुलिस के सोशल मीडिया कदम से भी बढ़ी हलचल
शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले कोलकाता पुलिस के X अकाउंट की गतिविधियों ने भी राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। पुलिस के आधिकारिक हैंडल ने ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कई नेताओं को अनफॉलो कर दिया। इसके साथ ही अकाउंट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय को फॉलो करना शुरू कर दिया।
इससे पहले कोलकाता पुलिस ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को मिली सुरक्षा व्यवस्था में भी कटौती की थी। वहीं तृणमूल कांग्रेस के कई बड़े नेता इस दौरान राजनीतिक बयानबाजी से दूरी बनाते नजर आए। पूर्व मेयर फिरहाद हकीम ने सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रिया देने के बजाय माध्यमिक और हाई मदरसा परीक्षा में सफल छात्रों को बधाई दी। ममता बनर्जी ने भी फेसबुक पर छात्रों के लिए शुभकामना संदेश साझा किया।
हिंसा के मुद्दे पर आक्रामक दिखी TMC
एक ओर जहां पार्टी के कई नेता संयमित रुख अपनाते दिखे, वहीं तृणमूल कांग्रेस का आधिकारिक X हैंडल लगातार राजनीतिक पोस्ट करता रहा। पार्टी ने अभिषेक बनर्जी का बयान साझा करते हुए चुनाव बाद हिंसा, पार्टी कार्यालयों पर हमलों और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की घटनाओं पर चिंता जताई।
पोस्ट में कहा गया कि लोकतांत्रिक समाज में इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक और अस्वीकार्य हैं। इसके साथ ही पार्टी ने चुनाव बाद हिंसा से जुड़े कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए, जिससे बंगाल का सियासी माहौल और अधिक गर्म हो गया।
