Chhatarpur
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक अनोखी प्रेम कहानी इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां एक मुस्लिम महिला जेल अधिकारी ने हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुके हिंदू युवक से हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक परंपराओं के अनुसार विवाह कर लिया। 5 मई को लवकुशनगर के एक मैरिज हॉल में संपन्न हुई इस शादी को देखने और सुनने वालों में कौतूहल बना हुआ है।
बताया गया कि रीवा निवासी फिरोजा खातून सतना सेंट्रल जेल में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। वहीं धर्मेंद्र सिंह, जो छतरपुर जिले के चंदला क्षेत्र का रहने वाला है, हत्या के एक चर्चित मामले में उम्रकैद की सजा काट चुका है। जेल के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे बातचीत दोस्ती में बदलती चली गई। समय बीतने के साथ यह रिश्ता प्यार तक पहुंच गया।
जेल के अंदर शुरू हुई थी दोनों की बातचीत
सूत्रों के मुताबिक, फिरोजा खातून जेल में वारंट प्रभारी के तौर पर कार्य कर रही थीं, जबकि धर्मेंद्र सिंह जेल के भीतर वारंट संबंधी कार्यों में सहयोग करता था। इसी दौरान दोनों के बीच लगातार संवाद होने लगा। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र सिंह को वर्ष 2007 में चंदला नगर परिषद के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित हत्या मामले में दोषी ठहराया गया था। इस सनसनीखेज मामले में शव को जमीन में दफनाने की बात भी सामने आई थी, जिसके बाद अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
करीब 14 वर्ष जेल में बिताने के बाद अच्छे आचरण के आधार पर उसे रिहा कर दिया गया था। बताया जाता है कि वह पिछले चार वर्षों से जेल से बाहर रह रहा था। इसी बीच दोनों ने सामाजिक और धार्मिक भिन्नताओं को पीछे छोड़ विवाह का निर्णय ले लिया।
परिवार नहीं पहुंचा, बजरंग दल ने निभाया कन्यादान
शादी का सबसे चर्चित पहलू यह रहा कि दुल्हन पक्ष का कोई भी सदस्य समारोह में शामिल नहीं हुआ। ऐसे में विवाह के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कन्यादान की रस्म निभाई। शादी पूरी तरह हिंदू परंपराओं और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न कराई गई।
जैसे ही इस अनोखे विवाह की खबर फैली, सतना सेंट्रल जेल से लेकर छतरपुर और आसपास के इलाकों तक इसकी चर्चा शुरू हो गई। कई लोग इसे सांप्रदायिक सौहार्द, इंसानियत और प्रेम की मिसाल बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे सामाजिक बहस का नया विषय भी मान रहे हैं।
