KOLKATA
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बड़ा राजनीतिक दांव चलते हुए राज्य की सभी विपक्षी पार्टियों से BJP के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। शनिवार को कोलकाता स्थित अपने कालीघाट आवास के बाहर आयोजित एक सभा में ममता ने कहा कि अब समय आ गया है कि लेफ्ट, अल्ट्रा-लेफ्ट और अन्य सभी विपक्षी दल मिलकर BJP के खिलाफ एक साझा मंच तैयार करें।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सिर्फ राजनीतिक दलों ही नहीं, बल्कि छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और BJP विरोधी गैर सरकारी संस्थाओं से भी एक साथ आने की अपील की। ममता ने कहा कि अब यह सोचने का समय नहीं है कि “दुश्मन का दुश्मन दोस्त है”, बल्कि सबसे बड़ी लड़ाई BJP के खिलाफ है।
ममता का आरोप – चुनाव बाद TMC कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमले
सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पूरे राज्य में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के अलग-अलग इलाकों में “गुंडागर्दी” हो रही है और BJP खेमे में असामाजिक तत्व शामिल हो गए हैं।
ममता ने दावा किया कि 2011 में सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं पर अत्याचार नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि अब राज्य का माहौल बदल गया है और विपक्षी आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
TMC प्रमुख ने यह भी कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल इस मुद्दे पर उनसे चर्चा करना चाहता है, तो वह बातचीत के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान को बंगाल की राजनीति में संभावित बड़े विपक्षी गठबंधन की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद बदला बंगाल का सियासी समीकरण
हालिया विधानसभा चुनाव में BJP ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर पहली बार पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई है। वहीं तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा। चुनाव नतीजों के बाद राज्य की राजनीति पूरी तरह बदलती नजर आ रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ममता बनर्जी का यह बयान आने वाले समय में विपक्षी राजनीति को नई दिशा दे सकता है। हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि लेफ्ट दल और अन्य विपक्षी पार्टियां ममता के इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती हैं।
