विशद कुमार
लंबे समय तक पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य रहे भाकपा (माले) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व बिहार राज्य सचिव कॉमरेड नंदकिशोर प्रसाद (जमुना जी) की स्मृति में 30 जून (मंगलवार) को पटना स्थित जगजीवन राम शोध संस्थान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। अवसर पर गठबंधन के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा – “कॉमरेड जमुना जी पार्टी के शुरुआती दौर की क्रांतिकारी ऊर्जा को आगे बढ़ाने वाले नेताओं में थे। उन्होंने अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी को संघर्ष के रास्ते पर मजबूती से टिकाए रखा। आज जरूरत है कि नई पीढ़ी उनके साहस, प्रतिबद्धता और संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाए।”
उन्होंने कहा कि, “आज बिहार में एनकाउंटर राज और बुलडोजर राज को बढ़ावा दिया जा रहा है। भाजपा इसे कानून-व्यवस्था का मॉडल बताने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तव में यह माफिया राज से कम नहीं है। कानून के शासन और संविधान के राज में न तो एनकाउंटर की जगह है और न ही बुलडोजर न्याय की।”
दीपांकर ने कहा कि “भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर आज पूरे बिहार में सवाल उठ रहे हैं, लेकिन भाकपा (माले) हर फर्जी एनकाउंटर और हर तरह के राज्य दमन के खिलाफ लगातार लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। हमें इस पूरी एनकाउंटर और बुलडोजर राजनीति की अवधारणा के खिलाफ लड़ना होगा।” माले महासचिव ने कहा कि “चुनाव के समय प्रधानमंत्री चाय बेचने वालों, झालमूढ़ी बेचने वालों और छोटे-छोटे रोजगार करने वाले गरीब लोगों के साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हीं मेहनतकश लोगों को उजाड़ा जा रहा है।” अवसर पर राजद के प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने कॉमरेड नंदकिशोर प्रसाद (जमुना जी) को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “उनके संघर्षों और जनपक्षधर राजनीति को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
उन्होंने कहा कि “बिहार को भाजपा की फासीवादी राजनीति से मुक्त करने के लिए लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष शक्तियों की एकजुटता को मजबूत करना होगा।” श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता सर्वोदय शर्मा ने कहा कि “आज भारत आर्थिक और राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है। कॉमरेड जमुना जी कम्युनिस्ट आंदोलन के मजबूत स्तंभ थे। उनका निधन पूरे वामपंथी और जनवादी आंदोलन की अपूरणीय क्षति है।
भाकपा के वरिष्ठ नेता रामलला सिंह ने जमुना जी को याद करते हुए उनके साथ संघर्ष के दिनों और किसान आंदोलनों की स्मृतियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि “वर्तमान दौर में कॉरपोरेट लूट, सांप्रदायिकता और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ साझा एवं मजबूत संघर्ष ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत भाकपा (माले) के बिहार राज्य सचिव का. कुणाल द्वारा पार्टी की ओर से जारी श्रद्धांजलि प्रस्ताव के पाठ से हुई। उन्होंने कॉमरेड नंदकिशोर प्रसाद (जमुना जी) के संघर्षपूर्ण जीवन, उनके संगठनात्मक योगदान और जनपक्षधर राजनीति के प्रति उनकी आजीवन प्रतिबद्धता को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा में भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य सहित माले के वरिष्ठ नेता स्वदेश भट्टाचार्य, पोलित ब्यूरो सदस्य हलधर महतो, प्रभात कुमार, मीना तिवारी, वरिष्ठ नेता का. के. डी. यादव, बिहार राज्य सचिव का. कुणाल, भाकपा (माले) झारखंड राज्य सचिव मनोज भक्त, राजद के प्रधान महासचिव रणविजय साहू, विधान परिषद सदस्य शशि यादव, सांसद सुदामा प्रसाद, माकपा के वरिष्ठ नेता सर्वोदय शर्मा, बिहार महिला समाज की अध्यक्ष निवेदिता झा, फिलहाल की संपादक प्रीति सिन्हा, भाकपा के वरिष्ठ नेता रामलला सिंह तथा भाकपा (माले) के वरिष्ठ नेता बलदेव झा सहित अनेक नेता उपस्थित थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी तथा पार्टी कार्यकर्ता भी श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ पार्टी नेता का. के. डी. यादव ने की, जबकि संचालन पोलित ब्यूरो सदस्य का. मीना तिवारी ने किया। श्रद्धांजलि सभा में कई पत्रकार, सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद थे।
