WEF दावोस में ट्रंप: यूरोप की नीतियों पर US प्रसिडेंट का तीखा हमला, ग्रीनलैंड पर भी बयान

जहां निवेश के नए अवसर तलाशने पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन, उसी वैश्विक मंच पर दिखे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

Davos/Switzerland

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) दावोस में जहां एक ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड के लिए निवेश की संभावनाएं तलाश रहे हैं, वहीं उसी वैश्विक मंच पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी भी चर्चा का केंद्र रही। ट्रंप ने WEF को संबोधित करते हुए अपनी अमेरिका फर्स्ट’ नीति को दोहराया और यूरोप की मौजूदा नीतियों पर खुलकर सवाल खड़े किए।

अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें यूरोप से प्यार है, लेकिन मौजूदा हालात में वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा। उन्होंने कहा कि यूरोप के कुछ हिस्से अब पहचान में भी नहीं आते और यह बदलाव किसी सकारात्मक कारण से नहीं हुआ है। ट्रंप के मुताबिक, जब लोग यूरोप से लौटकर कहते हैं कि वे उसे पहचान नहीं पाए, तो यह तारीफ नहीं बल्कि चिंता की बात है।

ट्रंप ने यूरोपीय सरकारों की नीतियों को सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जरूरत से ज्यादा सरकारी खर्च, अनियंत्रित सामूहिक प्रवासन और विदेशी आयात पर अत्यधिक निर्भरता ने यूरोप को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि वह यूरोप को सफल देखना चाहते हैं, लेकिन मौजूदा नीतियां उसे गलत दिशा में ले जा रही हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि दुनिया अमेरिका के अनुभव से सीखकर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई देशों को गलत नीतियों के कारण बर्बाद होते देखा है। ट्रंप ने यूरोप में हो रहे मास माइग्रेशन पर भी चिंता जताई और कहा कि इसके दुष्प्रभावों को अभी वहां पूरी तरह नहीं समझा जा रहा है।

अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने यूरोपीय यूनियन को भी संदेश देते हुए कहा कि उसे अमेरिकी प्रशासन की नीतियों से सीख लेनी चाहिए, ताकि भविष्य की चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *