Ranchi
रांची में कांग्रेस ने प्रेस वार्ता कर महिला आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी को घेरते हुए प्रधानमंत्री से सीधा सवाल किया कि आखिर पार्टी किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष कब बनाएगी।
कांग्रेस के महानगर उपाध्यक्ष गौतम उपाध्याय ने कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र सरकार की मंशा साफ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि संशोधन और शर्तों को लेकर न तो विपक्ष को और न ही अपने सहयोगियों को स्पष्ट जानकारी दी गई।
‘महिलाओं को ठग रही है सरकार’, कांग्रेस का आरोप
गौतम उपाध्याय ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार महिलाओं को सिर्फ वादों के जरिए गुमराह कर रही है। उन्होंने पूछा कि क्या कभी प्रधानमंत्री ने यह घोषणा की कि अगला भाजपा अध्यक्ष महिला होगी?
साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वहां कभी किसी महिला को शीर्ष पद मिल सकता है।
परिसीमन और आरक्षण पर उठे सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में महिलाओं की आबादी लगभग 50% हो चुकी है, लेकिन आरक्षण सिर्फ 33% तक सीमित रखा गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि 2024 के चुनाव में इस कानून को लागू क्यों नहीं किया गया, जबकि बीजेपी 21 राज्यों में सत्ता में है। उन्होंने यह भी पूछा कि इन राज्यों में कितनी महिला मुख्यमंत्री हैं।
उपाध्याय ने मांग की कि पहले जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो, उसके बाद ही आरक्षण लागू किया जाए।
विनीता पाठक का हमला: ‘चुनिंदा मुद्दों पर ही बोलते हैं पीएम’
कांग्रेस की महानगर उपाध्यक्ष विनीता पाठक ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया कि वे केवल चुनिंदा मुद्दों पर ही देश को संबोधित करते हैं।
उन्होंने कहा कि Pulwama attack और मणिपुर हिंसा जैसे गंभीर मामलों पर प्रधानमंत्री का कोई संबोधन नहीं आया, लेकिन महिला आरक्षण बिल पर उन्होंने राष्ट्र को संबोधित किया।
विनीता पाठक ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के कई नेताओं पर महिलाओं के खिलाफ अपराध के आरोप लगे हैं, जिससे यह साफ होता है कि पार्टी महिलाओं के हितों को लेकर गंभीर नहीं है।
