छात्रों से सीधे फीडबैक के लिए बनेंगे कॉल सेंटर, CM हेमंत सोरेन ने योजनाओं की समीक्षा में दिए कई अहम निर्देश

RANCHI

झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कल्याणकारी योजनाओं के लाभुकों से लगातार संवाद और फीडबैक लेने के लिए कॉल सेंटर स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे योजनाओं की जमीनी स्थिति की नियमित निगरानी होगी और लाभुकों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही अधिकारियों को सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध और लक्ष्य आधारित तरीके से करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी पात्र लाभुक सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे। इसके लिए विभागीय समन्वय मजबूत करने, नियमित मॉनिटरिंग करने और जमीनी स्तर पर गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना पर विशेष फोकस

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संवाद किया। उन्होंने लाभुकों से ऋण प्राप्ति, व्यवसाय संचालन, आय, रोजगार सृजन और बैंकिंग प्रक्रियाओं से जुड़े अनुभवों की जानकारी ली। लाभुकों ने बताया कि योजना उनके लिए आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बनी है और इसके जरिए वे अपने साथ अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने तथा लाभुकों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और मजबूत बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कॉल सेंटर के माध्यम से लाभुकों की समस्याओं और सुझावों की लगातार निगरानी की जाएगी।

छात्रवृत्ति, ई-कल्याण और साइकिल योजना की समीक्षा

बैठक में ई-कल्याण पोर्टल, प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं, मरांग गोमके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना, साइकिल वितरण योजना, परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति योजना और अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने योजनाओं की उपलब्धियों, लाभुकों की संख्या और क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के लिए पारंपरिक साइकिल के स्थान पर ई-साइकिल उपलब्ध कराने की संभावना पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के छात्रों के लिए यह पहल शिक्षा तक पहुंच आसान बनाने में मददगार साबित हो सकती है।

आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बेहतर सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने गढ़वा, देवघर और साहिबगंज में निर्मित अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों, निर्माणाधीन छात्रावासों और आदिवासी हॉस्टलों में शिक्षकों की उपलब्धता, आवासीय सुविधाओं, भोजन, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि छात्रावासों और हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही एनजीओ संचालित आश्रम विद्यालयों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज करने का भी निर्देश दिया।

एसआईआर और जनगणना को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों को एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और जनगणना से संबंधित जानकारी देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इन विषयों के प्रति जागरूक बनाकर समाज में सूचना के प्रभावी वाहक के रूप में विकसित किया जा सकता है।

कौशल विकास कार्यक्रमों को बाजार की मांग से जोड़ने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रशिक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप बनाया जाए। उन्होंने उद्योगों और स्थानीय उद्यमों के साथ समन्वय बढ़ाकर युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दिया।

जिला अस्पतालों में बनेगी विशेष हेल्प डेस्क

बैठक के दौरान कल्याण विभाग द्वारा संचालित अस्पतालों की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने रिम्स सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों की सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों को पंजीकरण, जांच और उपचार संबंधी प्रक्रियाओं में आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग मिल सकेगा। इसके अलावा कब्रिस्तान घेराबंदी कार्यों में तेजी लाने, मांझी, परगना, पड़हा, मानकी-मुंडा और धुमकुड़िया भवनों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा विभिन्न सामुदायिक विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।

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