CM हेमंत की बड़ा ऐलान: मिशन मोड में बदलेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, 2000 से ज्यादा पदों पर होगी बहाली

RANCHI

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि राज्य में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण मिशन मोड में किया जाए और विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक हर हाल में पहुंचना चाहिए।

झारखंड मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति, बजट खर्च, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्रांश और राज्यांश बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का सीधा लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच सके।

2009 रिक्त पदों पर नियुक्ति की तैयारी तेज

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि विभाग में कुल 2009 पद खाली हैं। इनमें सीडीपीओ के 106 पद, महिला पर्यवेक्षिका के 433 पद, आंगनबाड़ी सेविका के 583 पद और आंगनबाड़ी सहायिका के 897 पद शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी रिक्त पदों को भरने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि विभागीय योजनाओं का संचालन प्रभावी तरीके से हो सके।

जीर्ण-शीर्ण आंगनबाड़ी केंद्रों को हटाने का निर्देश

हेमंत सोरेन ने राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचना की समीक्षा करते हुए कहा कि खराब और किराये के भवनों में चल रहे केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर नए भवनों में शिफ्ट किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि CSR और DMFT फंड का उपयोग कर आधुनिक मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र विकसित किए जाएं। खासकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित केंद्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, शौचालय और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। अधिकारियों ने जानकारी दी कि कई किराये के आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी स्कूल परिसरों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी जारी है।

बाल विवाह पर सख्त कार्रवाई का निर्देश

मुख्यमंत्री ने बैठक में बाल विवाह की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि इस सामाजिक कुप्रथा पर हर हाल में रोक लगनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा जैसे जिलों में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया, जहां बाल विवाह के मामले अधिक सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बाल विवाह को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी आम लोगों तक पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री ने ऑडियो-वीडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया।

सोरेन ने सुझाव दिया कि बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाने वाली साहसी बालिकाओं को ब्रांड एम्बेसडर या वॉलेंटियर बनाकर समाज में जागरूकता फैलायी जाए।

सखी वन स्टॉप सेंटर को पुलिस से जोड़ने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को अधिक से अधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए महिलाओं के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाए।

उन्होंने निर्देश दिया कि सखी वन स्टॉप सेंटर को स्थानीय पुलिस प्रशासन से बेहतर तरीके से जोड़ा जाए, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को तत्काल मदद मिल सके।

पोषण ट्रैकर से होगी निगरानी मजबूत

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि पोषण अभियान के तहत आंगनबाड़ी सेविकाओं को मोबाइल फोन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके जरिए पोषण ट्रैकर पोर्टल पर प्रतिदिन गतिविधियों की रिपोर्ट अपलोड की जा रही है, जिससे निगरानी व्यवस्था मजबूत हुई है।

पेंशन और मईयां सम्मान योजना की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र लोगों को हर हाल में पेंशन योजना से जोड़ा जाए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना में छूटे हुए योग्य लाभुकों को शामिल करने का निर्देश भी दिया।

बैठक में सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना और दिव्यांगजनों को विशेष उपकरण उपलब्ध कराने की योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव उमा शंकर सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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