RANCHI
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा 16 जनवरी को आयोजित माध्यमिक आचार्य (पेपर-1) परीक्षा की द्वितीय पाली में गंभीर तकनीकी और प्रशासनिक अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। रांची के इरबा स्थित ICUBe डिजिटल परीक्षा केंद्र पर 145 अभ्यर्थियों को समय पर कंप्यूटर सिस्टम उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे उन्हें परीक्षा में समान अवसर नहीं मिल सका।
परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित थी, लेकिन प्रभावित अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्हें लगभग 45 मिनट की देरी से सिस्टम मिला। केंद्र प्रबंधन की ओर से देरी की भरपाई के लिए अतिरिक्त समय देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय पूरा होते ही सभी कंप्यूटर ऑटो-सबमिट हो गए। इससे देर से परीक्षा शुरू करने वाले अभ्यर्थी प्रश्नपत्र का समुचित समाधान नहीं कर सके।

अभ्यर्थियों का कहना है कि यह पूरी घटना परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ है। तकनीकी खामी उनकी गलती नहीं थी, इसके बावजूद उसका सीधा नुकसान उन्हें उठाना पड़ा।
इस मामले को लेकर अभ्यर्थियों ने जेएसएससी के सचिव को लिखित पत्र सौंपकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है। पत्र में 16 जनवरी की द्वितीय पाली की माध्यमिक आचार्य (पेपर-1) परीक्षा को रद्द कर प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए पुनः निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई है।
अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा का एडमिट कार्ड छीना गया और कुछ अभ्यर्थियों को केंद्रकर्मियों द्वारा कार्यालय में बंद कर दिया गया। घटना से नाराज अभ्यर्थियों ने रात करीब 8 बजे तक परीक्षा केंद्र परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
अभ्यर्थियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी केंद्र प्रबंधन पर कार्रवाई की जाए, ताकि JSSC की परीक्षा प्रक्रिया में अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल हो सके।
