रांची: स्वास्थ्य व्यवस्था में बंपर बदलाव, मंत्री इरफान अंसारी ने डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपकर गिनाईं उपलब्धियां

हिजाब पहनकर आई डॉक्टर को मंत्री इरफान अंसारी ने सम्मानित किया

RANCHI  

रांची स्थित एनएचएम सभागार में झारखंड स्वास्थ्य विभाग द्वारा बंपर बहाली एवं नियुक्ति पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, जिसमें 33 मेडिकल ऑफिसर और 33 सीनियर मेडिकल ऑफिसर शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाना और मानव संसाधन की कमी को दूर करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान खास पल तब आया जब हिजाब पहनकर नियुक्ति लेने आई एक महिला डॉक्टर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सम्मानपूर्वक सलाम करते हुए नियुक्ति पत्र सौंपा। यह दृश्य संविधान, नारी सम्मान, धार्मिक स्वतंत्रता और समावेशी शासन का प्रतीक माना गया।

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में पहचान पहनावे से नहीं, बल्कि योग्यता से होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार बेटियों, माताओं और सभी धर्मों का समान सम्मान करती है तथा उन्हें सम्मान के साथ सेवा का अवसर देती है। उन्होंने बताया कि बीते 11 महीनों में स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए हैं और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने आगामी योजनाओं का विवरण देते हुए कहा कि अगले तीन वर्षों में सभी मेडिकल कॉलेज पूर्ण रूप से क्रियाशील होंगे और करीब 10 हजार नई नियुक्तियां की जाएंगी। सभी सिविल सर्जनों को रिक्त पदों की अद्यतन सूची भेजी जाएगी और नए वर्ष के पहले महीने में डॉक्टरों की एक और बड़ी बहाली की जाएगी।

उन्होंने बताया कि राज्य में हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस मेडिकल टेक्नोलॉजी विकसित की जा रही है। सात अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक लैब का निर्माण होगा, सभी मेडिकल कॉलेज AI आधारित, रोबोटिक और स्मार्ट हेल्थ सिस्टम से जुड़ेंगे। सदर और रेफरल अस्पतालों का पूर्ण डिजिटलीकरण किया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग व मंत्री आवास में सेंट्रल कमांड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिससे रियल टाइम पेशेंट मॉनिटरिंग और हेल्थ डेटा एनालिसिस संभव होगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि झारखंड में मेडिको सिटी की स्थापना की जाएगी। JICA के माध्यम से ऋण लेकर सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों का निर्माण होगा, जिससे लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। ब्लड और जेनेटिक डिसऑर्डर के इलाज के लिए भी नई पहल की जा रही है। सभी जिलों में ब्लड सेपरेशन यूनिट मशीन के लिए नौ करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

रांची सदर अस्पताल में सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया और एप्लास्टिक एनीमिया के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट स्थापित की जाएगी। राज्य गठन के 25 वर्षों के बाद यह सुविधा झारखंड में पहली बार उपलब्ध होगी।

डॉ. अंसारी ने कहा कि बीमारी डर लाती है और सरकार का काम भरोसा देना, इलाज उपलब्ध कराना और सहारा बनना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशानुसार विकास और सम्मान सभी के लिए है।

मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि आने वाले समय में झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में संस्थागत और अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिलेगा। आधुनिक तकनीक और कुशल मानव संसाधन के साथ स्वास्थ्य सेवाएं नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगी।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ की वार्षिक आमसभा 21 दिसंबर को आयोजित होगी।

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