RAMGARH
रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड के बलकुदरा, जयनगर, रसदा और गेगदा गांवों की लगभग 432 एकड़ अधिग्रहित भूमि के मुआवजे और रोजगार की मांग को लेकर प्रभावित रैयतों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद और हाल ही में कांग्रेस में पुनर्बहाल हुए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रदर्शन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के झारखंड प्रभारी के. राजू भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्ष 1972-73 में पीटीपीएस की छाई डैम नंबर-1 परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहित की गई थी, लेकिन दशकों बाद भी आदिवासी, मूलवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक रैयतों को न उचित मुआवजा मिला और न ही रोजगार।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों पहले औने-पौने दाम पर कागजी प्रक्रिया पूरी कर भूमि अधिग्रहित कर ली गई, जबकि परियोजना का कार्य लंबे समय तक शुरू नहीं हुआ। उनका कहना था कि वर्ष 2013 के बाद परियोजना पर काम शुरू होने की स्थिति में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के प्रावधान लागू होने चाहिए और सभी प्रभावित रैयतों को उसी के अनुरूप मुआवजा तथा अन्य लाभ दिए जाने चाहिए।
PVUNL प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों पर लगाए आरोप
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि हाल ही में पीवीयूएनएल पतरातू के सीईओ ए.के. सहगल और जियाउर रहमान से स्थानीय रैयतों के साथ बैठक कर नए कानून के तहत लाभ देने की मांग की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि प्रभावित ग्रामीणों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के बजाय एनटीपीसी-पीवीयूएनएल के कार्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं। चेतावनी दी गई कि यदि प्रभावित परिवारों को उनका वैधानिक हक और रोजगार नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा अन्याय के आधार पर किसी भी निर्माण कार्य का विरोध जारी रहेगा।
योगेंद्र साव की वापसी पर हुआ स्वागत समारोह
इस अवसर पर कांग्रेस में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की पुनर्बहाली पर पतरातू में स्वागत एवं सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के साथ उनका स्वागत किया। नेताओं ने कहा कि योगेंद्र साव की वापसी से संगठन में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ पार्टी को मिलेगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्यसभा प्रत्याशी शहजाद अनवर, विधानसभा प्रभारी नवीन कुमार सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
K राजू की मौजूदगी में योगेंद्र साव और अंबा प्रसाद के नेतृत्व में विस्थापितों का प्रदर्शन, मुआवजे और रोजगार की मांग
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रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड के बलकुदरा, जयनगर, रसदा और गेगदा गांवों की लगभग 432 एकड़ अधिग्रहित भूमि के मुआवजे और रोजगार की मांग को लेकर प्रभावित रैयतों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद और हाल ही में कांग्रेस में पुनर्बहाल हुए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रदर्शन में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के झारखंड प्रभारी के. राजू भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्ष 1972-73 में पीटीपीएस की छाई डैम नंबर-1 परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहित की गई थी, लेकिन दशकों बाद भी आदिवासी, मूलवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक रैयतों को न उचित मुआवजा मिला और न ही रोजगार।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों पहले औने-पौने दाम पर कागजी प्रक्रिया पूरी कर भूमि अधिग्रहित कर ली गई, जबकि परियोजना का कार्य लंबे समय तक शुरू नहीं हुआ। उनका कहना था कि वर्ष 2013 के बाद परियोजना पर काम शुरू होने की स्थिति में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम-2013 के प्रावधान लागू होने चाहिए और सभी प्रभावित रैयतों को उसी के अनुरूप मुआवजा तथा अन्य लाभ दिए जाने चाहिए।
PVUNL प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों पर लगाए आरोप
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि हाल ही में पीवीयूएनएल पतरातू के सीईओ ए.के. सहगल और जियाउर रहमान से स्थानीय रैयतों के साथ बैठक कर नए कानून के तहत लाभ देने की मांग की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जनप्रतिनिधि प्रभावित ग्रामीणों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के बजाय एनटीपीसी-पीवीयूएनएल के कार्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रहे हैं। चेतावनी दी गई कि यदि प्रभावित परिवारों को उनका वैधानिक हक और रोजगार नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा अन्याय के आधार पर किसी भी निर्माण कार्य का विरोध जारी रहेगा।
योगेंद्र साव की वापसी पर हुआ स्वागत समारोह
इस अवसर पर कांग्रेस में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की पुनर्बहाली पर पतरातू में स्वागत एवं सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और नारेबाजी के साथ उनका स्वागत किया। नेताओं ने कहा कि योगेंद्र साव की वापसी से संगठन में नई ऊर्जा का संचार हुआ है और उनके लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ पार्टी को मिलेगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष सह राज्यसभा प्रत्याशी शहजाद अनवर, विधानसभा प्रभारी नवीन कुमार सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
