RANCHI
झारखंड के लिए गर्व की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वाकांक्षी बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत तैयार किए गए देवघर और गुमला के उच्च गुणवत्ता वाले आम्रपाली आम अब दुबई के प्रतिष्ठित लुलु स्टोर्स तक पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे राज्य के किसानों, खासकर महिला किसानों की मेहनत और सरकार की दूरदर्शी योजना की बड़ी सफलता बताया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि बाबा नगरी देवघर में उगाए गए आम्रपाली आम अब दुबई के लुलु मॉल में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने इसे झारखंड के किसानों की मेहनत और राज्य की कृषि क्षमता का प्रमाण बताया।
एपीईडीए ने कराया 2 मीट्रिक टन आम का निर्यात
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने 3 जुलाई 2026 को झारखंड से 2 मीट्रिक टन आम्रपाली आम के वाणिज्यिक निर्यात को सफल बनाया। इस खेप का निर्यात फेयर एक्सपोर्ट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दुबई स्थित लुलु स्टोर्स में खुदरा बिक्री के लिए किया गया।
महिला किसान समूहों को मिला बड़ा लाभ
निर्यात की इस खेप में शामिल आम झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (JSLPS) द्वारा प्रोत्साहित तीन महिला-नेतृत्व वाली किसान उत्पादक कंपनियों (FPC) से लिए गए। इनमें गुमला जिले की एमवीएम बाघिमा पलकोट उत्पादक कंपनी लिमिटेड, रायडीह कृषि उत्पादक कंपनी लिमिटेड तथा देवघर जिले की मोहनपुर आजीविका महिला किसान उत्पादक सोसाइटी शामिल हैं। इन बागों का विकास बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत मनरेगा के समन्वय से जनजातीय महिला किसानों ने किया है।
किसानों की आय में 180 प्रतिशत तक बढ़ोतरी
इस निर्यात से जुड़े किसानों को स्थानीय बाजार की तुलना में करीब 180 प्रतिशत अधिक मूल्य प्राप्त हुआ। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ी है, बल्कि महिला किसानों की अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच भी मजबूत हुई है।
इन तीनों किसान उत्पादक कंपनियों में 1,500 से अधिक शेयरधारक हैं और सामूहिक रूप से ये 50 हजार से ज्यादा किसानों का प्रतिनिधित्व करती हैं। ऐसे में इस पहल का लाभ बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों तक पहुंच रहा है।
क्षमता निर्माण से मिला वैश्विक बाजार का रास्ता
एपीईडीए ने मई 2026 में गुमला के पालकोट क्षेत्र में किसान उत्पादक कंपनियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, फसल कटाई के बाद प्रबंधन और निर्यात प्रक्रिया की जानकारी दी गई थी।
इसके अलावा सितंबर 2025 में देवघर के बसवरिया गांव में महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए भी निर्यात उन्मुख क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इन प्रयासों का परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में झारखंड के आम्रपाली आम की बढ़ती मांग के रूप में सामने आया है। यह उपलब्धि झारखंड के बागवानी क्षेत्र, महिला किसान समूहों और राज्य की कृषि आधारित योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
