RANCHI
धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता जुड़वां भाइयों करन और अर्जुन के मामले में रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 14 दिनों की तलाश और लगातार जांच के बाद पुलिस ने अर्जुन को ओडिशा के पुरी से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस अब भी दूसरे भाई करन और उनके दोस्त शिवा की तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान विभिन्न रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इसी क्रम में बच्चों की लोकेशन पुरी में मिलने के बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और अर्जुन को सुरक्षित बरामद कर लिया। पूछताछ में अर्जुन ने बताया कि वह अपने भाई करन और दोस्त शिवा के साथ समुद्र देखने की इच्छा से घर से निकला था।
अर्जुन ने पुलिस को बताया कि तीनों पुरी के समुद्र तट और मंदिर क्षेत्र में घूमते रहे। पैसे खत्म होने के बाद वे लोगों से मांगकर खाना खाते थे। पुरी रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो उन्होंने अपनी असली पहचान छिपाते हुए खुद को अनाथ और स्थानीय निवासी बताया था।
पूछताछ के दौरान अर्जुन ने यह भी कहा कि उसका घर लौटने का मन नहीं था और घर में उसका मन नहीं लगता था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक की जांच में अपहरण जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि बच्चे अपनी इच्छा से घर से निकले थे।
गौरतलब है कि धुर्वा क्षेत्र से दोनों भाई 1 जून 2026 को घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे थे। परिजनों ने काफी खोजबीन के बाद थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोनों बच्चों की आखिरी लोकेशन रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में दर्ज हुई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई।
बच्चों के लापता होने के बाद इलाके में चिंता का माहौल था। मामले ने राजनीतिक रंग भी लिया था और झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने भी परिजनों से मुलाकात कर बच्चों की शीघ्र बरामदगी की मांग की थी। पुलिस का कहना है कि अर्जुन के बयान के आधार पर अब करन और शिवा की तलाश तेज कर दी गई है और जल्द ही उन्हें भी सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों की गतिविधियों पर नियमित नजर रखें और किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दें। साथ ही बिना पुष्टि के अपहरण जैसी आशंकाएं फैलाने से बचने की भी सलाह दी गई है।
