‘भाजपा IT CELL पर केस कब?’ अभिजीत दिपके ने FIR पर उठाया दोहरे कानून का मुद्दा

 

महिलाओं को गाली देने वालों पर कब होगी कार्रवाई? भाजपा आईटी सेल पर भी केस दर्ज हो : अभिजीत दिपके

 

NEW DELHI

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक नारे लगाने के मामले में दर्ज जीरो एफआईआर को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी को अपशब्द कहने पर मामला दर्ज किया जा रहा है, तो वर्षों से महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले भाजपा आईटी सेल के लोगों पर कार्रवाई कब होगी।

दिपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि भाजपा आईटी सेल से जुड़े कई ऐसे अकाउंट हैं, जिन्होंने महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और अपनी प्रोफाइल में “Followed by PM Modi” लिखकर गर्व जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों के खिलाफ आज तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल केवल आईटी सेल तक सीमित नहीं है, बल्कि भाजपा के कुछ मंत्री और सांसद भी ऐसे मामलों में विवादों में रहे हैं। दिपके ने लोकसभा में भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी द्वारा बसपा सांसद दानिश अली के खिलाफ की गई टिप्पणी और वर्ष 2021 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक पुराना वीडियो भी उदाहरण के तौर पर उल्लेख किया।

दिपके ने सवाल किया कि क्या देश में दो तरह के कानून हैं—एक आम युवाओं के लिए और दूसरा भाजपा नेताओं के लिए। उनका कहना था कि अपशब्द कहना गलत हो सकता है, लेकिन हर मामले में आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का आधार स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं के खिलाफ सबसे अधिक अपमानजनक भाषा भाजपा आईटी सेल और उससे जुड़े लोगों ने इस्तेमाल की है, इसलिए पहले उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

23 जुलाई के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला

यह मामला 23 जुलाई को कथित नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में नोएडा निवासी 25 वर्षीय रुचिका सिंह के खिलाफ 29 जुलाई को एक्सप्रेसवे थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कथित टिप्पणियों से प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंची और सामाजिक वैमनस्य व शांति भंग होने की आशंका उत्पन्न हुई। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज कर अब आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया है।

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर की प्रति मिलने के बाद कानूनी राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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