Cinema Desk
असम की कार्बी भाषा में बन रही फीचर फिल्म ‘लव यू मेस्सी’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिलनी शुरू हो गई है। कान्स फिल्म मार्केट में इस फिल्म को ग्लोबल सपोर्ट मिला है, जिसके बाद अब इसे दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी तेज हो गई है। फिल्म की कहानी सिर्फ फुटबॉल या लियोनेल मेस्सी के प्रति दीवानगी की नहीं, बल्कि एक छोटे गांव के दिव्यांग बच्चे के सपनों, संघर्ष और उसकी भावनात्मक दुनिया की कहानी है।
फिल्म के निर्देशक खंजन किशोर नाथ ने बताया कि उन्होंने अपने बचपन में गांव के बच्चों को फुटबॉल के प्रति बेहद जुनूनी देखा था। स्कूल के मैदानों, बगीचों और गांव की सड़कों पर खेला जाने वाला यह खेल वहां के बच्चों के सपनों का हिस्सा था। उन्हीं यादों और अनुभवों ने “लव यू मेस्सी” जैसी फिल्म को जन्म दिया।
आठ साल के रंग की भावुक कहानी
फिल्म की कहानी नॉर्थईस्ट इंडिया के एक दूरस्थ पहाड़ी गांव में रहने वाले आठ वर्षीय बच्चे रंग के इर्द-गिर्द घूमती है। रंग फुटबॉल स्टार लियोनेल मेस्सी का जबरदस्त फैन है। वह पड़ोसी के टीवी पर मेस्सी के मैच देखता है और उनकी तस्वीरें इकट्ठा करता रहता है।
रंग की जिंदगी में उसका एकमात्र साथी एक आवारा पिल्ला बनता है, जिसे वह “तुंग तुंग” नाम देता है। कहानी तब नया मोड़ लेती है जब उसे पता चलता है कि मेस्सी भारत आने वाले हैं और मुंबई में फ्रेंडली मैच खेलेंगे। इसके बाद उसका सपना और बड़ा हो जाता है।
“यह सिर्फ फुटबॉल फिल्म नहीं”
निर्देशक खंजन किशोर नाथ साफ कहते हैं कि इस फिल्म को सिर्फ फुटबॉल मूवी समझना गलत होगा। उनके अनुसार यह फिल्म एक ऐसे बच्चे की कहानी है जो अपनी सीमित दुनिया से बाहर निकलकर बड़े सपने देखना चाहता है।
उन्होंने कहा कि फिल्म का असली केंद्र एक दिव्यांग बच्चे की जिज्ञासा, जुनून और दुनिया को देखने की उसकी इच्छा है। यही वजह है कि अलग-अलग देशों के लोग भी इससे खुद को जोड़ पा रहे हैं।
कान्स में मिला इंटरनेशनल सपोर्ट
कान्स फिल्म मार्केट के दौरान इंडियन पवेलियन में हुई को-प्रोडक्शन मीटिंग के बाद UK में रहने वाली हॉन्ग कॉन्ग की क्रिएटिव प्रोफेशनल हियू मान चैन इस फिल्म से एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर जुड़ी हैं।
वह अब भारत के बाहर फिल्म की सेल्स, मार्केटिंग, फेस्टिवल स्ट्रैटेजी और इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन संभालेंगी। चैन खुद भी मेस्सी की फैन हैं और उनका मानना है कि यह फिल्म सिर्फ खेल प्रेमियों को ही नहीं, बल्कि भावनात्मक कहानियां पसंद करने वाले दर्शकों को भी आकर्षित करेगी।
उन्होंने कहा कि हॉन्ग कॉन्ग और यूरोप में मेस्सी के करोड़ों प्रशंसक हैं और यह फिल्म वहां भी लोगों से मजबूत जुड़ाव बना सकती है।
कार्बी आंगलोंग की पृष्ठभूमि में फिल्मांकन
फिल्म की शूटिंग असम के पहाड़ी जिला कार्बी आंगलोंग में की जा रही है, जहां निर्देशक खंजन किशोर नाथ का बचपन बीता। उन्होंने इस इलाके को ऐसी जगह बताया जहां जिंदगी अपनी अलग रफ्तार में बहती है।
फिल्म के कुछ हिस्सों की शूटिंग पिछले दिसंबर में मेस्सी के भारत दौरे के दौरान भी की गई थी। मेकर्स के मुताबिक फिल्म का प्रोडक्शन इस साल के आखिर तक पूरा होने की उम्मीद है।
पहले भी बना चुके हैं कार्बी फिल्म
“लव यू मेस्सी” निर्देशक खंजन किशोर नाथ और प्रोड्यूसर रंजीत टेरोन की दूसरी कार्बी भाषा की फीचर फिल्म है। इससे पहले उनकी फिल्म “लॉस्ट पाथ” रिलीज हुई थी, जिसे भी सराहना मिली थी। अब “लव You Messi” के जरिए वे नॉर्थईस्ट इंडिया की कहानियों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
