NEW DELHI
भारत के मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में दो बड़े खिलाड़ियों के बीच कानूनी टकराव और तेज हो गया है। रिलायंस और The Walt Disney Company के संयुक्त वेंचर JioStar ने Zee Entertainment Enterprises पर आरोप लगाया है कि उसने उन बॉलीवुड फिल्मों का अनधिकृत प्रसारण किया, जिनके अधिकार JioStar के पास थे। इस मामले से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, JioStar ने इस विवाद को लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाला JioStar भारत के लगभग 30 अरब डॉलर के मीडिया और मनोरंजन बाजार का सबसे बड़ा खिलाड़ी माना जाता है। वहीं, Zee Entertainment Enterprises देश के सबसे पुराने मीडिया समूहों में से एक है। दोनों कंपनियों के बीच पहले से ही 2024 में टूटे क्रिकेट लाइसेंसिंग समझौते को लेकर लंदन में करीब 1 अरब डॉलर की मध्यस्थता प्रक्रिया चल रही है।
संगीत विवाद के बाद अब फिल्म अधिकारों पर टकराव
अप्रैल में Zee Entertainment Enterprises ने दिल्ली की अदालत में JioStar के खिलाफ कॉपीराइट म्यूजिक के अनधिकृत इस्तेमाल का मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि JioStar ने लाइसेंस समाप्त होने के बाद कम से कम 50 बार ज़ी के संगीत कंटेंट का उपयोग किया। इस मामले में ज़ी करीब 30 लाख डॉलर की मांग कर रही है।
अब जवाबी कार्रवाई करते हुए JioStar ने 4 मई को दिल्ली हाई कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी में शिकायत दाखिल की है। कंपनी का दावा है कि ज़ी ने पिछले साल 12 अलग-अलग बॉलीवुड फिल्मों का करीब 20 बार प्रसारण किया, जबकि उन फिल्मों के प्रसारण अधिकार JioStar के पास थे।
‘आदतन उल्लंघनकर्ता’ बताया
JioStar ने अपनी 120 पन्नों की याचिका में Zee Entertainment Enterprises को “habitual infringer” यानी बार-बार नियम तोड़ने वाला बताया है। कंपनी का कहना है कि ज़ी लगातार बिना अनुमति फिल्मों का प्रसारण और व्यावसायिक इस्तेमाल कर रही है।
यह मामला पहले सुलह प्रक्रिया के तहत दिल्ली हाई कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के पास गया है। कमेटी ने ज़ी को 25 मई को पेश होने का निर्देश दिया है। अगर समाधान नहीं निकलता है, तो मामला अदालत तक पहुंच सकता है।
‘दीवार’, ‘त्रिदेव’ और ‘दंगल’ भी विवाद में
इस कानूनी लड़ाई में कई चर्चित फिल्मों के नाम सामने आए हैं। इनमें Deewaar, Tridev और Dangal जैसी बड़ी फिल्में शामिल हैं।
JioStar का दावा है कि इन फिल्मों के प्रसारण अधिकार उसके पास थे, लेकिन Zee Entertainment Enterprises ने बिना अनुमति इन्हें दिखाया।
हालांकि, ज़ी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कुछ प्रसारण “अनजाने में” हुए और भविष्य में सावधानी बरती जाएगी। कंपनी ने नुकसान भरपाई की मांग को भी अस्वीकार कर दिया है। वहीं, दंगल मामले में ज़ी का कहना है कि उसे प्रोडक्शन हाउस से प्रसारण की अनुमति मिली थी।
इस नए विवाद ने साफ कर दिया है कि भारत के तेजी से बढ़ते मनोरंजन बाजार में कंटेंट अधिकारों की लड़ाई आने वाले दिनों में और तीखी हो सकती है।
