Ranchi
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए डॉक्टरों को देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों का मेडिकल टूर कराने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इससे चिकित्सकों को बड़े अस्पतालों की कार्यप्रणाली, संसाधन प्रबंधन और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के मॉडल को समझने का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्होंने नवनियुक्त स्वास्थ्यकर्मियों को यह भी याद दिलाया कि उनका वेतन जनता के पैसे से आता है, इसलिए आम लोगों की सेवा और उनकी अपेक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देना उनका दायित्व है।
रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में स्वास्थ्य विभाग के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 262 नवनियुक्त चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार प्रयासरत है तथा इसी दिशा में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अस्पतालों पर सबसे अधिक मरीजों का दबाव रहता है, इसलिए स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि समेत विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने का काम कर रही है ताकि लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही भी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को मिलने वाला वेतन करदाताओं के पैसे से आता है, इसलिए प्रत्येक कर्मी को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
हेमंत सोरेन ने कहा कि कार्य के दौरान गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन उनसे सीख लेकर लगातार सुधार करना आवश्यक है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को समाज में विशेष सम्मान मिलने का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों की उम्मीदें चिकित्सकों से जुड़ी होती हैं। सरकार भी उनसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की अपेक्षा रखती है और इस दिशा में हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया गया है कि झारखंड के डॉक्टरों को एम्स, अपोलो और अन्य प्रमुख अस्पतालों का भ्रमण कराया जाए। इससे चिकित्सक आधुनिक स्वास्थ्य प्रबंधन, बेहतर सेवा प्रणाली और संसाधनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी हासिल कर सकेंगे, जिसका लाभ राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा।
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