RANCHI
जनवादी लेखक संघ (जलेस), रांची जयपाल सिंह स्टेडियम में जेपीएससी परीक्षा तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, विलंब और पारदर्शिता के प्रश्नों को लेकर छात्रों द्वारा पिछले कई दिनों से चलाए जा रहे लोकतांत्रिक आंदोलन के प्रति अपनी पूर्ण एकजुटता व्यक्त करता है। जलेस आंदोलनरत छात्रों की न्यायोचित मांगों के प्रति अपनी सहानुभूति और समर्थन प्रकट करते हुए राज्य सरकार से आग्रह करता है कि वह बिना किसी विलंब के छात्र प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए आमंत्रित करे और उनकी शिकायतों के समाधान हेतु ठोस एवं विश्वसनीय पहल करे।
छात्र किसी भी समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता होते हैं। उनके भविष्य, परिश्रम और सपनों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न केवल उनके प्रति अन्याय है, बल्कि समाज और राज्य के भविष्य के साथ भी अन्याय है। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में लगातार उठ रहे प्रश्नों ने विद्यार्थियों और युवाओं के बीच गहरा असंतोष और अविश्वास पैदा किया है। ऐसी परिस्थितियों में उनकी लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और संवैधानिक अभिव्यक्ति को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
जनवादी लेखक संघ का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और समान अवसर सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। समस्याओं का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ही संभव है, न कि उपेक्षा या टकराव से।
जनवादी लेखक संघ मानता है कि लोकतांत्रिक आंदोलनों को सुनना और उनसे संवाद करना किसी भी संवेदनशील सरकार का दायित्व है। छात्रों की आवाज़ को दबाने के बजाय उनकी मांगों का निष्पक्ष समाधान ही लोकतंत्र को मजबूत करेगा।
जलेस, रांची अपनी आगामी 9 अगस्त की बैठक में इस प्रश्न पर विचार करते हुए जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों के बीच कविता-पाठ एवं सांस्कृतिक एकजुटता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय करेगा। साहित्य और संस्कृति हमेशा से न्याय, लोकतंत्र और मानवीय गरिमा के पक्ष में खड़े रहे हैं। इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए जलेस के लेखक, साहित्यकार और कवि छात्रों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं के साथ अपनी रचनात्मक एकजुटता व्यक्त करेंगे।
