KOLKATA
कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक निर्माणाधीन गोदाम अचानक भरभराकर गिर गया। इस दर्दनाक घटना में कम से कम दो लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की संभावना है।
हादसा करीब 1.30 बजे ब्रे्स ब्रिज रेलवे स्टेशन के पास स्थित ऑक्टेवियस टी एंड इंडस्ट्रीज़ के गोदाम में हुआ। घटना के समय इमारत के अंदर लगभग 25 से 30 मजदूर मौजूद थे। अचानक हुई इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए।
पुलिस और प्रशासन के अनुसार अब तक करीब 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि कुछ अन्य की तलाश जारी है। बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है और मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
तीन मंजिला लोहे और सीमेंट से बनी यह संरचना पिछले लगभग एक साल से निर्माणाधीन थी। स्थानीय लोगों और श्रमिकों का कहना है कि वहां निर्माण और मरम्मत दोनों काम चल रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि तीसरी मंजिल से गिरावट शुरू हुई, जिसके बाद पूरी इमारत ढह गई और मजदूर मलबे में दब गए।
घटना के बाद इलाके में अवैध निर्माण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि लंबे समय से बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों के निर्माण कार्य चल रहा था। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश देने की बात कही है।
फायर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण के दौरान ढलाई (casting work) के समय छत अचानक गिर गई। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
घटना के तुरंत बाद कोलकाता पुलिस, डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, सिविल डिफेंस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। भारी मशीनरी जैसे क्रेन, बुलडोजर और गैस कटर की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।
सेना के जवान भी राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं और मलबे के भीतर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए वर्टिकल ड्रिलिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बचाव दल लगातार मलबे से आ रही आवाजों को सुनकर लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
घायलों को नजदीकी एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन ने अभी तक मृतकों और घायलों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन राहत कार्य जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
