RANCHI
मुख्यमंत्री Hemant Soren की अध्यक्षता में सोमवार को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में सड़क चौड़ीकरण, कोयला खनन पट्टा, कर्मचारियों के हित, वनरोपण, सिंचाई परियोजनाओं और महिला हेल्पलाइन जैसी योजनाओं से जुड़े कई अहम निर्णय शामिल हैं।
कैबिनेट के 23 प्रमुख फैसले सरल भाषा में
- नामकुम से डोरंडा सड़क को चार लेन बनाने और मजबूत करने के लिए 162.82 करोड़ रुपये की संशोधित स्वीकृति दी गई।
- सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख मुरारी भगत को उच्च पदों पर काम करने के दौरान देय वेतन और अन्य लाभ देने की मंजूरी मिली।
- धनबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग-419 परियोजना के लिए उपयोग होने वाली भूमि के बदले 5.84 एकड़ भूमि वन विभाग को क्षतिपूरक वनरोपण के लिए हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गई।
- राज्य के विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के वेतनमान और संविदा भुगतान को मंजूरी दी गई।
- सरकारी कर्मचारियों के लिए क्रेडिट सुविधा, अग्रिम वेतन, बीमा और अन्य अतिरिक्त सेवाएं उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।
- झारनेट 2.0 परियोजना की अवधि जुलाई 2026 तक बढ़ाई गई और इसके लिए 65.50 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी मिली।
- गोड्डा समाहरणालय में कार्यरत 5 कर्मचारियों की सेवा नियमित करने की स्वीकृति दी गई।
- जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान पर मिलने वाले मुआवजे के नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई।
- बोकारो के पर्वतपुर कोल ब्लॉक में 2174.52 एकड़ क्षेत्र के लिए कोयला खनन पट्टा स्वीकृत किया गया।
- महिला हेल्पलाइन 181 की सेवाएं निर्बाध चलती रहें, इसके लिए सेवा प्रदाता एजेंसी के अनुबंध विस्तार को मंजूरी दी गई।
- पलामू की अमानत बराज योजना के लिए 947.26 करोड़ रुपये के संशोधित प्राक्कलन को स्वीकृति मिली।
- प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई।
- राज्य वित्त पर CAG की वर्ष 2024-25 की रिपोर्ट को विधानसभा के आगामी सत्र में रखने की स्वीकृति दी गई।
- बोकारो समाहरणालय में कार्यरत 2 कर्मचारियों की सेवा नियमित करने को मंजूरी दी गई।
- झारखंड में बड़े और मध्यम बांधों की सुरक्षा की निगरानी के लिए विशेषज्ञों का स्वतंत्र पैनल गठित करने की स्वीकृति दी गई।
- वन विभाग के कार्यों के क्रियान्वयन के लिए हाइब्रिड मॉडल (विभागीय और ठेकेदार व्यवस्था) लागू करने की मंजूरी दी गई।
- अधिवक्ता रोहितश्य रॉय की झारखंड के महाधिवक्ता के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी गई।
- क्षतिपूरक वनरोपण के लिए सरकारी भूमि हस्तांतरण संबंधी मामलों के निस्तारण की शक्ति उपायुक्तों को देने की स्वीकृति दी गई।
- बोकारो के सीतानाला कोल ब्लॉक में कोयला खनन पट्टा स्वीकृत किया गया।
- पूर्वी सिंहभूम के चार एमराल्ड खनिज ब्लॉकों को आरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार से अनुमति लेने की मंजूरी दी गई।
- गोड्डा के जीतपुर कोल ब्लॉक का खनन पट्टा टेरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड को देने की स्वीकृति दी गई।
- अपर महाधिवक्ता अच्युत केशव को पदोन्नत कर वरीय अपर महाधिवक्ता नियुक्त करने की मंजूरी दी गई।
- झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की अनुशंसा पर चयनित अभ्यर्थियों को मोटरयान निरीक्षक (एमवीआई) पद पर नियुक्ति देने की स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट के इन फैसलों का सीधा असर राज्य के बुनियादी ढांचे, प्रशासनिक व्यवस्था, कर्मचारियों के हित, खनन क्षेत्र, सिंचाई परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ने की उम्मीद है।
