RANCHI
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को बिजली विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य के लोगों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने वाले सभी कार्यों में तेजी लाई जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ग्रिड, ट्रांसमिशन लाइन, पावर सब-स्टेशन, ट्रांसफार्मर, स्मार्ट ग्रिड और स्मार्ट मीटर जैसी परियोजनाओं के इंस्टॉलेशन की गति बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही विभाग को अगले 10 से 15 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जल्द प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग में रिक्त पड़े जूनियर इंजीनियर (JE), असिस्टेंट इंजीनियर (AE) सहित अन्य आवश्यक पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा भंडारण की नई संभावनाओं का पता लगाने के लिए राज्य के जलाशयों एवं अन्य संभावित स्रोतों पर व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी) कर रिपोर्ट सौंपने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने राज्य में सौर ऊर्जा और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सीएमईजीपी योजना के माध्यम से बिजली उत्पादन की संभावनाओं को बढ़ाने की योजना तैयार करने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने मानकों के अनुरूप नए ग्रिड और पावर सब-स्टेशनों की स्थापना की कार्ययोजना तैयार करने, ट्रांसमिशन लाइनों में अधिकाधिक मोनोपोल तकनीक अपनाने तथा नगर निगमों के समन्वय से शहरी क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटों का शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रांसफार्मर खराब रहने की खबरें स्वीकार्य नहीं हैं और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उन्हें बदलने या मरम्मत करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग में डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने विभागीय सुधारों के लिए नई तकनीकों के उपयोग पर अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा भी बिजली व्यवस्था को अधिक प्रभावी और भविष्य के अनुरूप बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
