CENTRAL DESK
पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम सामने आने के बाद सियासी माहौल और भी गरमाता नजर आ रहा है। तृणमूल कांग्रेस की सांसद सायोनी घोष ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य में बढ़ती अशांति को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने अभी सत्ता संभाली भी नहीं है, लेकिन राज्य में हिंसा और डर का माहौल बनना शुरू हो गया है।
सायोनी घोष के आरोप: ‘पूरे बंगाल में अशांति का माहौल’
सायोनी घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक विस्तृत बयान जारी करते हुए कहा कि पूरे बंगाल में लगातार तोड़फोड़ की घटनाएं हो रही हैं। उनके मुताबिक, सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और आम लोगों के बीच डर का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक-एक कर राजनीतिक दलों के दफ्तरों को निशाना बनाया जा रहा है और कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय बलों की मौजूदगी के बावजूद हिंसा नहीं रुक रही है। दुकानें जबरन बंद कराई जा रही हैं, ‘मां कैंटीन’ जैसी जनसेवा योजनाओं को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और बाइक सवार लोग उग्र नारेबाजी कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि लाउडस्पीकर पर अश्लील गाने बजाकर माहौल खराब किया जा रहा है और राजनीतिक जीत के नाम पर लोगों को धमकाया जा रहा है।
सायोनी ने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यही वह ‘सोनार बांग्ला’ है, जिसके लिए जनता ने वोट किया था। उन्होंने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या इन घटनाओं को दिखाने की हिम्मत दिखाई जाएगी।
जनादेश स्वीकार, ममता बनर्जी के प्रति निष्ठा दोहराई
इन आरोपों के बीच सायोनी घोष ने यह भी स्पष्ट किया कि वे जनता के जनादेश को पूरी विनम्रता के साथ स्वीकार करती हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने जो फैसला दिया है, वह लोकतंत्र का सम्मान है।
उन्होंने ‘मां, माटी और मानुष’ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह वर्ग हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहा है। जादवपुर लोकसभा क्षेत्र की सांसद के तौर पर उन्होंने लोगों की सेवा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि वे बिना किसी डर के, पूरी निष्ठा के साथ अपनी नेता ममता बनर्जी के साथ खड़ी रहेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र और देश की एकता को बनाए रखने के लिए वे पूरी मजबूती से अपनी पार्टी के साथ आगे बढ़ेंगी।
‘मां, माटी और मानुष’ के लिए संघर्ष जारी रहेगा
सायोनी घोष ने आगे कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने हमेशा चुनौतियों का डटकर सामना किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी को केंद्रीय एजेंसियों, आर्थिक दबाव, मीडिया ट्रायल और झूठे मामलों के जरिए लगातार परेशान किया गया।
उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई और तेज़ होगी और पार्टी अपने सिद्धांतों के साथ पीछे नहीं हटेगी। तृणमूल कांग्रेस ‘मां, माटी और मानुष’ के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी राजनीतिक और सामाजिक लड़ाई जारी रखेगी।
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद का यह घटनाक्रम आने वाले समय में राज्य की राजनीति को और अधिक उग्र बना सकता है, जहां आरोप-प्रत्यारोप के बीच कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभर रही है।
