ASSAM
असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और आर्थिक सहायता वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब बाढ़ के बाद पुनर्वास सहायता प्राप्त करने वाले सभी पात्र लाभार्थियों के लिए आधार लिंक कराना अनिवार्य होगा। यह निर्णय सर्वेक्षण के दौरान कई लाभार्थियों के बैंक खातों में डुप्लिकेट और गलत जानकारी मिलने के बाद लिया गया है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंता ने शुक्रवार को जोरहाट के चिनामोरा कन्वेंशन सेंटर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार राहत कार्य के पहले चरण को पूरा कर चुकी है और अब शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट तथा चराइदेव जिलों में बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का दूसरा चरण मिशन मोड में शुरू किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि इस बार नुकसान के आकलन के लिए मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल सर्वे कराया जा रहा है, जिससे कम समय में अधिक सटीक और पारदर्शी डेटा उपलब्ध होगा। अधिकारियों को एक समान प्रक्रिया अपनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि सर्वे में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे। सरकार का लक्ष्य 10 से 12 दिनों के भीतर नुकसान का आकलन पूरा कर पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता जारी करना है।
