जमुई
शनिवार को बटिया में आयोजित NDA कार्यकर्ता सम्मेलन, संगठन शक्ति दिखाने की बजाय आपसी खींचतान और गुटबाजी की वजह से हंगामे का अखाड़ा बन गया। मंच पर चढ़ने और अपने-अपने नेताओं का जोरदार स्वागत करने को लेकर मंत्री सुमित कुमार सिंह और पूर्व एमएलसी संजय प्रसाद के समर्थक आमने-सामने आ गए।
पहले तो मंच पर दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस छिड़ी, लेकिन बात इतनी बिगड़ी कि कार्यकर्ता भी भिड़ गए। देखते ही देखते धक्का-मुक्की और लात-घूसे तक की नौबत आ गई। सुरक्षाकर्मी और पुलिस बल मौके पर तैनात थे, उन्हें तुरंत दखल देना पड़ा। जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित किया और मंच के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना नेताओं को बाहर निकाला।
सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और जदयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे। लेकिन जैसे ही उन्होंने मंच पर अफरा-तफरी देखी, बिना भाषण दिए ही वापस लौटना उचित समझा। यह कदम कार्यकर्ताओं के बीच और भी निराशा का कारण बना।
इसी बीच, लोजपा (रामविलास) नेता संजय मंडल भी मंच पर उचित स्थान न मिलने से खफा दिखे। उन्होंने अपने समर्थकों संग कार्यक्रम स्थल छोड़ दिया। बाद में पूर्व एमएलसी संजय प्रसाद भी केंद्रीय नेताओं के लौटने के तुरंत बाद अपने गुट के साथ बाहर निकल गए।
हालात शांत होने के बाद मंत्री सुमित कुमार सिंह अपने समर्थकों के साथ मंच पर डटे रहे, लेकिन सम्मेलन का उद्देश्य पूरी तरह फीका पड़ चुका था। गुटबाजी और हंगामे से कार्यकर्ताओं में गहरी मायूसी और असंतोष झलक रहा था।
स्थानीय स्तर पर इस घटना ने NDA की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समर्थक खुलकर चर्चा कर रहे हैं कि जब मंच पर ही सहयोगी नेता एक-दूसरे से भिड़ जाएं, तो कार्यकर्ता किस दिशा में जाएं।
