नेमरा स्थित मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के पैतृक आवास में हुई विशेष प्रार्थना सभा
रामगढ़, नेमरा
बिरसाइत पंथ के अनुयायियों सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु नेमरा गांव पहुंचे और स्मृति-शेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद रहे गुरुजी की आत्मा की शांति हेतु विशेष प्रार्थना का आयोजन मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के पैतृक आवास पर किया गया।
इस अवसर पर बिरसाइत पंथ के अनुयायियों ने गुरुजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से भेंट कर गहरी संवेदना भी प्रकट की।
आज गुरुजी के श्राद्ध कर्म का सातवां दिन था और सुबह से ही श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। राज्य के कोने-कोने से आमजन के साथ-साथ जनप्रतिनिधि, मंत्री, सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और अन्य गणमान्य लोग नेमरा पहुंचे।
अलग झारखंड निर्माण में अमिट भूमिका
गुरुजी के योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने जीवनभर आदिवासियों, गरीबों, दलितों, वंचितों और शोषितों के हक के लिए संघर्ष किया। झारखंड राज्य के गठन में उनकी भूमिका इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। उनका संघर्ष और जीवन दर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन अब भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी स्मृतियाँ, आदर्श और विचार सदैव जीवित रहेंगे। बिरसाइत पंथ सहित पूरे झारखंड और देश ने आज एक जननायक को श्रद्धांजलि दी, जिसे आने वाले युग भी याद रखेंगे।
