रिश्वतखोरी पर ACB का बड़ा एक्शन, प्रोबेशन ऑफिसर समेत 2 गिरफ्तार; यहां का है केस

Ranchi/Hazaribagh

 झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) हजारीबाग की टीम ने रामगढ़ जिला प्रोबेशन कार्यालय में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्रोबेशन ऑफिसर और एक कर्मचारी को रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है। दोनों पर सरकारी अनुदान से जुड़े सत्यापन कार्य को आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र स्थित बड़की पोना गांव निवासी त्रिदेव कुमार ने एसीबी से शिकायत की थी कि उनके परिवार को सरकार की ओर से पांच लाख रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत होनी है। अनुदान राशि में वृद्धि और संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने जिला प्रोबेशन कार्यालय से संपर्क किया था। आरोप है कि इस दौरान कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी ने सत्यापन प्रतिवेदन भेजने के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।

शिकायत के बाद एसीबी ने शुरू की जांच

शिकायत मिलने के बाद एसीबी हजारीबाग ने मामले का सत्यापन कराया। तकनीकी साक्ष्यों और जांच के दौरान यह आरोप सही पाया गया कि प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी की ओर से रिश्वत की मांग की गई थी तथा कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी सुजीत पासवान को राशि लेने के लिए कहा गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर 15 जून 2026 को एसीबी थाना हजारीबाग में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

पांच हजार रुपये लेते हुए कर्मचारी दबोचा गया

मामला दर्ज होने के बाद एसीबी ने विशेष ट्रैप टीम गठित कर कार्रवाई की योजना बनाई। दंडाधिकारी एवं सरकारी गवाहों की मौजूदगी में 16 जून को जाल बिछाया गया। कार्रवाई के दौरान कर्मचारी सुजीत पासवान को शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार यह राशि प्रोबेशन ऑफिसर के निर्देश पर ली जा रही थी। रिश्वत की रकम बरामद होने के बाद टीम ने तत्काल आगे की कार्रवाई करते हुए प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी को भी गिरफ्तार कर लिया।

दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी

एसीबी ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि रिश्वतखोरी का यह मामला किसी बड़े नेटवर्क या अन्य मामलों से जुड़ा तो नहीं है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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