शिक्षा में झारखंड की बड़ी पहल: देश की पहली स्टेट-लेड पॉलिसी लैब से बदलेगी स्कूल शिक्षा की तस्वीर



Ranchi

झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) और बेंगलुरु स्थित गैर-लाभकारी संस्था ‘ड्रीम अ ड्रीम’ ने मिलकर रांची में झारखण्ड पॉलिसी लैब फॉर एजुकेशन सिस्टम ट्रांसफॉर्मेशन’ की स्थापना की है। इसे शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और नीतिगत सुधारों पर केंद्रित देश की पहली स्टेट-लेड पॉलिसी लैब बताया जा रहा है।

शोध आधारित सुधारों को मिलेगा बढ़ावा

इस पहल के तहत स्थापित पॉलिसी लैब शिक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक संस्थागत तंत्र के रूप में काम करेगी। इसका उद्देश्य शिक्षा में साक्ष्य आधारित निर्णय, नवाचार और निरंतर सीखने की संस्कृति को बढ़ावा देना है। लैब शिक्षण पद्धति, पाठ्यक्रम विकास, मूल्यांकन प्रणाली, शिक्षक प्रशिक्षण और छात्र कल्याण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी।

नीति निर्माण और जमीनी हकीकत के बीच बनेगा सेतु

राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने कहा कि यह पहल ऐसे शैक्षिक वातावरण की नींव रखेगी, जहां नीतिगत फैसले शोध और तथ्यों के आधार पर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा में नवाचार अब केवल दस्तावेजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसका प्रभाव स्कूलों और विद्यार्थियों तक सीधे पहुंचेगा।

वहीं, जेईपीसी के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अभिनव कुमार ने कहा कि यह पॉलिसी लैब अनुसंधान और नीति निर्माण के बीच की दूरी को कम करेगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था अधिक संवेदनशील, प्रभावी और परिणाम देने वाली बन सकेगी।

आदिवासी, ग्रामीण और वंचित बच्चों पर विशेष ध्यान

ड्रीम अ ड्रीम के शोध विभागीय निदेशक डॉ. श्रीहरी रवींद्रनाथ ने कहा कि झारखंड की भाषाई और सामाजिक विविधता को ध्यान में रखते हुए यह पहल शिक्षा में समान अवसर और बेहतर सीखने के अनुभव सुनिश्चित करने का प्रयास है। संस्था के स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स निदेशक शारीक मशहदी ने बताया कि अगले 18 महीनों में शोध परियोजनाएं, नवाचार आधारित पायलट कार्यक्रम, नीतिगत संवाद और संस्थागत क्षमता निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

इस पहल का विशेष फोकस ग्रामीण, आदिवासी, प्रवासी और सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के बच्चों पर रहेगा, ताकि शिक्षा के लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकें।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मिलेगा सहयोग

पॉलिसी लैब के माध्यम से राज्य सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षा विशेषज्ञों के अनुभव और ज्ञान का लाभ भी उठाएगी। इससे झारखंड में शिक्षा सुधारों को वैश्विक दृष्टिकोण और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि ‘ड्रीम अ ड्रीम’ देश की अग्रणी गैर-लाभकारी संस्थाओं में शामिल है, जो भारत के कई राज्यों में बच्चों के सर्वांगीण विकास और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के लिए काम कर रही है। संस्था अब तक 23 लाख से अधिक बच्चों तक अपनी पहल का सकारात्मक प्रभाव पहुंचा चुकी है।

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