GOOD NEWS: कांके बेकन फैक्ट्री के कायाकल्प की तैयारी, आत्मनिर्भर और आधुनिक इकाई बनाने का रोडमैप तैयार

RANCHI

झारखंड सरकार ने राज्य के पशुधन क्षेत्र को नई दिशा देने की पहल करते हुए रांची स्थित ऐतिहासिक कांके बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण की व्यापक योजना तैयार की है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में फैक्ट्री को आधुनिक तकनीक से लैस, पर्यावरण-अनुकूल और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए विस्तृत रोडमैप पर चर्चा की गई।

सरकार का लक्ष्य केवल एक पुराने औद्योगिक प्रतिष्ठान को पुनर्जीवित करना नहीं है, बल्कि इसे पशुपालकों, किसानों, युवाओं और ग्रामीण उद्यमियों के लिए रोजगार तथा आय सृजन का मजबूत केंद्र बनाना है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना को उच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि इसका लाभ जल्द से जल्द राज्य के पशुधन क्षेत्र को मिल सके।

विशेषज्ञों की निगरानी में होगा आधुनिकीकरण

बैठक में ICAR-राष्ट्रीय मांस अनुसंधान संस्थान (NMRI), हैदराबाद के निदेशक डॉ. एस.बी. बरबुधे, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एम. मुथुकुमार, पशुपालन विभाग के निदेशक रोबिन टोप्पो तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में निर्णय लिया गया कि फैक्ट्री के आधुनिकीकरण कार्य की निगरानी तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में की जाएगी। इसके लिए NMRI, हैदराबाद के विशेषज्ञों और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की एक संयुक्त समिति गठित की गई है। यह समिति आगामी कुछ सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

जीरो-वेस्ट तकनीक पर रहेगा विशेष फोकस

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने स्पष्ट किया कि आधुनिक बेकन फैक्ट्री को पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके लिए ‘जीरो-वेस्ट प्रोसेसिंग मॉडल’ अपनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

योजना के तहत अत्याधुनिक इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) और उन्नत रेंडरिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे। रेंडरिंग प्लांट के माध्यम से मांस प्रसंस्करण से निकलने वाले उप-उत्पादों को उच्च गुणवत्ता वाले पशु आहार और अन्य उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जाएगा। इससे अपशिष्ट प्रबंधन बेहतर होगा और फैक्ट्री को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

सरकार का मानना है कि यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण और व्यावसायिक लाभ दोनों को संतुलित करेगा।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण

फैक्ट्री परिसर में एक आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और प्रशिक्षणार्थी हॉस्टल के निर्माण की भी योजना बनाई गई है। इसके माध्यम से स्थानीय युवाओं, पशुपालकों और उद्यमियों को मांस प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, खाद्य सुरक्षा तथा आधुनिक उत्पादन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य है कि झारखंड के युवाओं को इस क्षेत्र में तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकारी अनुदान पर निर्भर नहीं रहेगा मॉडल

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कांके बेकन फैक्ट्री को ऐसे व्यावसायिक मॉडल के रूप में विकसित किया जाए जो भविष्य में सरकारी अनुदान पर निर्भर न रहे। उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के उत्पादन, संस्थागत बिक्री और बेहतर विपणन रणनीति के माध्यम से फैक्ट्री को वित्तीय रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक फैक्ट्री का पुनरुद्धार नहीं है, बल्कि राज्य के पशुपालकों के लिए आर्थिक समृद्धि का नया द्वार खोलने वाली पहल है। इससे पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत विकसित होंगे।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना से होगा एकीकरण

पशुधन आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने कांके बेकन फैक्ट्री और राजकीय पशुधन फार्मों को मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (MMPVY) से जोड़ने का निर्णय लिया है।

इसके तहत सरकारी पशुधन फार्म नर्सरी की भूमिका निभाएंगे और लाभार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले, रोग-प्रतिरोधी पशुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। इससे पशुपालकों को बेहतर नस्ल के पशु मिलेंगे और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

पुराने उपकरणों की नीलामी और नई तकनीक को बढ़ावा

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि फैक्ट्री में अनुपयोगी और पुराने हो चुके उपकरणों की नीलामी प्रक्रिया तेज की जाएगी। साथ ही नई तकनीक और आधुनिक मशीनरी की खरीद के लिए निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।

सरकार का मानना है कि अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग से उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, गुणवत्ता में सुधार होगा और फैक्ट्री राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी इकाई के रूप में विकसित हो सकेगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि कांके बेकन फैक्ट्री का पुनरुद्धार झारखंड के पशुधन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इससे किसानों और पशुपालकों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

सरकार की यह पहल राज्य में पशुधन आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने और झारखंड को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है।

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