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NEW DELHI
Central Bureau of Investigation ने शनिवार को NEET-UG परीक्षा से जुड़े पेपर लीक और गड़बड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बायोलॉजी लेक्चरर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे National Testing Agency की पेपर-सेटिंग कमेटी की सदस्य थीं और 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी हुई थीं।
एजेंसी के मुख्यालय में लंबी पूछताछ के बाद CBI ने उन्हें हिरासत में लिया। आरोप है कि उनके पास बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी और उन्होंने इस जानकारी का गलत इस्तेमाल किया।
पुणे में कोचिंग और पेपर पैटर्न लीक का आरोप
जांच के मुताबिक, अप्रैल 2026 में मनीषा मंधारे ने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे के जरिए संभावित NEET उम्मीदवारों को इकट्ठा किया। वाघमारे को पहले 14 मई को गिरफ्तार किया गया था और वह पुणे की ब्यूटी पार्लर संचालिका बताई जा रही हैं।
आरोप है कि पुणे स्थित घर पर विशेष कोचिंग क्लास चलाई गई, जहां बॉटनी और जूलॉजी के कई प्रश्नों को छात्रों को समझाया गया और हल करवाया गया। छात्रों से इन प्रश्नों को नोटबुक में लिखवाने और किताबों में मार्क करने को कहा गया। जांच में दावा किया गया है कि इनमें से कई प्रश्न बाद में NEET-UG 2026 के असली पेपर से मेल खाते पाए गए।
लाखों रुपये लेकर कोचिंग कराने का आरोप
CBI के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के जरिए छात्रों से मोटी रकम वसूली गई। एजेंसी को शक है कि यह सिर्फ कोचिंग नहीं बल्कि परीक्षा के प्रश्न पैटर्न को पहले से लीक कराने का संगठित रैकेट था।
इससे एक दिन पहले ही Central Bureau of Investigation ने लातूर से जुड़े रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को भी गिरफ्तार किया था, जिन्हें केमिस्ट्री पेपर लीक का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
देशभर में फैला नेटवर्क, परीक्षा रद्द
अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे सहित कई शहरों से कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूरा नेटवर्क अलग-अलग राज्यों में फैला हुआ था।
NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया गया है और दोबारा परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और CBI यह पता लगाने में जुटी है कि National Testing Agency की पेपर-सेटिंग प्रक्रिया में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
