एक वर्ष… दस अध्याय… और अब दूसरे वर्ष की शुरुआत; NDFF ने फिल्म संस्कृति, रचनात्मक सहयोग और ऑरेंज इकॉनमी को लेकर दोहराया अपना संकल्प NEW DELHI “क्या रील के छोटे फॉर्मैट में भी सिनेमा की आत्मा बस सकती है?” इसी प्रश्न को केंद्र में रखकर न्यू डेल्ही फिल्म फाउंडेशन (NDFF) के मासिक कार्यक्रम ‘टॉक सिनेमा ऑन द फ्लोर (TCOTF)’ ने अपने पहले वर्ष की सफल यात्रा पूरी करते हुए दसवें अध्याय का आयोजन किया और दूसरे वर्ष में प्रवेश किया। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव स्किल्स (IICS), लाजपत नगर में आयोजित इस विशेष सत्र में फिल्मकारों, कलाकारों, फोटोग्राफरों, कंटेंट क्रिएटर्स, विद्यार्थियों और सिनेमा प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन श्री अरविंदो सेंटर फॉर आर्ट्स एंड क्रिएटिविटी (SACAC), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव स्किल्स (IICS) तथा मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल्स काउंसिल (MESC) के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत NDFF के संस्थापक आशीष के सिंह के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में Talk Cinema On TheFloorकेवल एक मासिक आयोजन नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में फिल्मकारों, कलाकारों, विद्यार्थियों और रचनात्मक युवाओं को जोड़ने वाला एक जीवंत मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि NDFF का उद्देश्य केवल सिनेमा पर चर्चा करना नही, बल्कि राजधानी में एक मजबूत फिल्ममेकिंग इकोसिस्टम तैयार करना, रचनात्मक सहयोग को बढ़ावा देना तथा ऑरेंज इकॉनमी को गति देने वाली पहलों को मजबूत करना भी है। स्पॉटलाइ…