RANCHI
झारखंड के पलामू जिले से सामने आए “कैश फॉर प्रसव” मामले में अब बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला है। पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के बदले पैसे मांगने के आरोप को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके बाद एएनएम समेत तीन नर्सों को उनकी ड्यूटी से हटा दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि बालूडीह गांव की गर्भवती महिला सुनीता देवी जब प्रसव के लिए पांकी सीएचसी पहुंचीं, तो उनकी सास सुकनी देवी से स्वास्थ्य केंद्र की नर्सों ने 10 हजार रुपये की मांग की। आरोप है कि जब परिवार ने इतनी बड़ी राशि देने में असमर्थता जताई, तो उनके साथ अस्पताल कर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार भी किया गया। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने चिकित्सा प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपते हुए न्याय की मांग की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन समेत वरीय अधिकारी पीड़िता के गांव पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच की। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर संबंधित एएनएम और दो अन्य नर्सों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से अलग कर दिया गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए पलामू के उपायुक्त को न सिर्फ इस मामले में सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया, बल्कि राज्य के सभी जिलों में अस्पतालों का ऑडिट कराने को भी कहा है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है, वहीं सरकार की त्वरित कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि आम जनता के साथ किसी भी तरह का शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
(नोट- खबर के साथ लगी तस्वीर सांकेतिक है)
