RANCHI
रांची से जुड़े इस सनसनीखेज मामले में आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी लैब टेक्नीशियन मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह कदम उठाया गया, जिससे लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ा मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।
यह मामला पश्चिम सिंहभूम जिला के सदर अस्पताल से जुड़ा है, जहां थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को HIV संक्रमित खून चढ़ाने की गंभीर लापरवाही सामने आई थी।
5 मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़, 6 महीने तक खुला घूमता रहा आरोपी
घटना 17 अक्टूबर 2025 की है, जब इलाज के दौरान पांच बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ा दिया गया। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था, लेकिन शुरुआती हलचल के बाद कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी हो गई।
आरोपी मनोज कुमार करीब 6 महीने तक खुलेआम घूमता रहा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
न्याय के लिए भटकते रहे परिवार, आखिरकार कोर्ट का सहारा
पीड़ित परिवारों को इस दौरान न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ा। जब स्थानीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने अदालत का रुख किया। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी गंभीर लापरवाही के बावजूद कार्रवाई में देरी होना सिस्टम की बड़ी विफलता को दर्शाता है। अब सवाल यह है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई कब तक होती है और पीड़ित परिवारों को न्याय कब मिलता है।
