New delhi
विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA (इंडिया) ब्लॉक ने रविवार को नई दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठक में केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार की। बैठक के बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और पांच प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर सभी दलों के बीच सहमति बन चुकी है। उन्होंने भाजपा की चुनावी ताकत को चुनौती देते हुए कहा कि यदि चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाए तो भाजपा कहीं नहीं टिकेगी।
नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित बैठक में 23 राजनीतिक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया, शिक्षा व्यवस्था, आर्थिक चुनौतियों और संसद के आगामी मानसून सत्र को लेकर साझा रणनीति तैयार करना था।
चुनावी पारदर्शिता को बनाया पहला मुद्दा
INDIA ब्लॉक ने चुनावी निष्पक्षता को अपनी प्राथमिकता बताते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चिंता जताई। गठबंधन ने निर्णय लिया कि इस संबंध में भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की जाएगी। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूचियों में अनियमितताएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
बैठक में NEET और CBSE परीक्षाओं से जुड़े विवादों पर भी चर्चा हुई। गठबंधन ने परीक्षा प्रणाली में सामने आई गड़बड़ियों को देश के युवाओं के साथ विश्वासघात करार देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। नेताओं का कहना था कि लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।
बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं पर फोकस
विपक्षी दलों ने बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की परेशानियों को देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल बताया। INDIA ब्लॉक ने केंद्र सरकार से इन मुद्दों पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की ताकि व्यापक समाधान निकाला जा सके।
हर दो महीने पर होगी बैठक
गठबंधन ने आपसी समन्वय को मजबूत बनाए रखने के लिए नियमित बैठकें आयोजित करने का फैसला किया है। इसके तहत हर दो महीने पर INDIA ब्लॉक की बैठक होगी। अगली बैठक अगस्त महीने में हैदराबाद में आयोजित की जाएगी, जहां आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
संसद के मानसून सत्र के लिए साझा रणनीति
आगामी मानसून सत्र को लेकर भी विपक्ष ने एकजुटता दिखाने का फैसला किया। गठबंधन ने तय किया कि संसद सत्र के दौरान प्रतिदिन नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में सुबह समन्वय बैठक होगी, ताकि सदन के भीतर सभी दल एक साझा रुख के साथ सरकार को घेर सकें।
दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुए। तृणमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा राजद नेता तेजस्वी यादव उपस्थित रहे।
इसके अलावा उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, सुप्रिया सुले, डी. राजा, जॉन ब्रिटास, कपिल सिब्बल समेत कई क्षेत्रीय दलों के प्रमुख नेताओं ने भी भाग लिया। वहीं शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
बैठक के बाद विपक्षी दलों ने दावा किया कि वे राष्ट्रीय मुद्दों पर संयुक्त संघर्ष जारी रखेंगे और संसद से लेकर सड़क तक सरकार को घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ेंगे।
