RANCHI
झारखंड में राज्यसभा चुनाव परिणाम को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा और राजद द्वारा कांग्रेस के प्रभारी एवं विधायकों पर लगाए जा रहे आरोपों को कांग्रेस ने पूरी तरह निराधार और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पार्टी का कहना है कि उसके सभी विधायकों ने महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में पूरी एकजुटता, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ मतदान किया है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में जीत और हार स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन चुनाव परिणाम अपेक्षा के अनुरूप न रहने का अर्थ यह नहीं लगाया जा सकता कि बिना किसी तथ्य और प्रमाण के विधायकों की निष्ठा पर प्रश्न उठाए जाएं। पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे आत्ममंथन करना चाहिए कि वह किसी स्थानीय झारखंडी नेता को उम्मीदवार क्यों नहीं बना पाई और बाहरी उम्मीदवार को क्यों उतारना पड़ा।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक और धनबल के प्रभाव को लेकर चर्चाएं सामने आई हैं, हालांकि पार्टी ने कहा कि इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। पार्टी का कहना है कि महागठबंधन के मतों में अंतर को लेकर भी गंभीर सवाल उठते हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
कांग्रेस के अनुसार, यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो यह केवल एक उम्मीदवार ही नहीं बल्कि पूरे महागठबंधन की एकता और नेतृत्व पर भी प्रश्न खड़े करता है। पार्टी ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपेक्षा है कि वे स्थिति की जांच कर उचित कदम उठाएंगे।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि वह अपने शीर्ष नेतृत्व और सहयोगी दलों के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही पार्टी ने सभी सहयोगी दलों से अपील की है कि वे सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप से बचें और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करें।
अंत में कांग्रेस ने दोहराया कि वह झारखंड के विकास, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पार्टी ने कहा कि यह समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं बल्कि आत्ममंथन और जनता के मुद्दों पर केंद्रित राजनीति का है।
