RANCHI
झारखंड में जेपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की हर गतिविधि और उनकी भावनाओं से पूरी तरह अवगत है। सरकार की “आंख, कान और हाथ खुले हैं” तथा युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री ने यह बात रामगढ़ के नेमरा में झारखंड आंदोलन के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कही।

छात्रों के भविष्य को लेकर सरकार गंभीर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह चिंतित है। सरकार युवाओं की भावनाओं को समझती है और उनकी बातों को गंभीरता से सुन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हर पहलू पर विचार कर रही है और जो भी निर्णय होगा, वह छात्रों के हित और राज्य के व्यापक हित को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
दिशोम गुरु को दी श्रद्धांजलि, प्रतिमा का किया अनावरण
इससे पहले मुख्यमंत्री ने नेमरा पहुंचकर दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए और झारखंड आंदोलन के इस महान नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

‘गुरुजी मेरे पिता ही नहीं, सबसे बड़े मार्गदर्शक थे‘
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिबू सोरेन केवल उनके पिता ही नहीं, बल्कि उनके जीवन के सबसे बड़े मार्गदर्शक थे। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और झारखंड की अस्मिता की रक्षा के लिए दिशोम गुरु का संघर्ष राज्य के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उनके विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।
मोरहाबादी आवास पर भी किया नमन
नेमरा रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने रांची के मोरहाबादी स्थित शिबू सोरेन के आवास पहुंचकर भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार के अन्य सदस्यों के साथ उन्होंने दिशोम गुरु के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

हजारों लोगों ने किया दिशोम गुरु को याद
नेमरा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, समर्थक और आम लोग शामिल हुए। सभी ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्ष, नेतृत्व और झारखंड राज्य के निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

